हिमाचल कांग्रेस के नेता बैनर, पोस्टर विज्ञापन के जरिए नहीं कर सकेंगे अपना प्रचार, पार्टी ने लगाया प्रतिबंध
शिमला, 8 जुलाई। चुनावी साल में हिमाचल कांग्रेस के नेता अब अपने खुद के प्रचार के लिये किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने इन दिनों अपने आपको बड़ा नेता साबित करने के लिये होड़ मची है। जिसके चलते नेता खुद के प्रचार के लिये वाल पेंटिंग, पोस्टरबाजी , बैनर और विज्ञापनों के जरिये अपना प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। पार्टी के इस कदम को गुटबाजी को रोकने के तौर पर देखा जा रहा है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व हिमाचल कांग्रेस की पब्लिसिटी एंव पब्लिकेशन कमेटी के चेयरमैन सुधीर शर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में देखने में आया है कि कई नेता पार्टी हितों के विपरीत खुद को महिमामंडित करने के लिए प्रचार सामग्री का सहारा ले रहे हैं। ऐसा भले ही अनजाने में किया जा रहा हो। लेकिन इससे पार्टी का प्रचार नहीं बल्कि व्यक्ति का प्रचार हो रहा है जबकि संगठन ही सर्वोपरि है। लिहाजा इसे रोकने का निर्णय लिया गया है ताकि गलत संदेश न जाये। आने वाले दिनों पार्टी प्रचार सामग्री को खुद तैयार करवायेगी। उसे ही नेता अपने इलाके में प्रयोग कर पायेंगे।
उन्होंने बताया कि पार्टी के सभी पदाधिकारियों को इसे बारे में निर्देश दिये गये हैं कि ऐसा करने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता व नेता अपने बूथ को मजबूत करने के लिये ध्यान दें। बूथ की मजबूती ही हमें प्रदेश की सत्ता में वापस लायेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने चुनाव प्रचार के लिये अधिकारिक कमेटी गठित की है व कमेटी का प्रयास है कि चुनावों को देखते हुये प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का प्रचार हो। यहां किसी भी व्यक्ति विशेष को तरजीह नहीं दी जायेगी। पार्टी एकजुटता के साथ प्रचार में जुटेगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी दिशा निर्देशों के बाद अगर कोई नेता खुद के प्रोपेगेंडा में शामिल होते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाये जायेंगे। हालांकि उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है व कहीं भी कोई गुट नहीं है। लेकिन दूसरी ओर माना जा रहा है कि चुनाव प्रचार समिति एवं टिकट वितरण कमेटी के अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बीच इन दिनों अपने आपको साबित करने के लिये हेड मची है। और सुक्खू समर्थकों की ओर से प्रदेश में अपने नेता के समर्थन में प्रचार सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में बदलाव लाते वक्त कांग्रेस आलाकमान ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ेगा। इसी के चलते प्रतिभा सिंह को अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद सुक्खू समर्थकों को लगता है कि उनका नेता ही चुनावों में प्रमुख चेहरा होगा। यही वजह है कि इन दिनों सुक्खू के समर्थन में उनके समर्थक मुहिम चला रहे है। माना जा रहा है कि इसी मुहिम को रोकने के लिये पार्टी की ओर से यह कदम उठाया गया है ताकि गुटबाजी को बढ़ावा न मिले।
पार्टी के महत्वाकांक्षी नेता हैं कि एक दूसरे को नीचा दिखने में कोई मौका चूकना नहीं चाहते। जिससे चुनावी साल में हिमाचल कांग्रेस संगठन में किये गये बदलाव के बावजूद पार्टी की एकता के दावे धराशायी होते नजर आ रहे हैं। नेताओं में आपसी वर्चस्व की जंग में पार्टी में गुटबाजी हावी होने लगी है। हिमाचल कांग्रेस में तीन प्रमुख चेहरे अपने आपको सीएम की रेस में शामिल होने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के अलावा नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंदर सिंह सुक्खू हैं। लेकिन प्रचार के मामले में सुक्खू कदम बढ़ाने लगे थे कि उनके कदमों को रोकने के लिये अब नई बंदिशें पार्टी में लागू हो गई हैं।












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