हिमाचल में कुदरत का तांडव, मंडी में बादल फटने से 3 की मौत, ₹1500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
Mandi flash flood: हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। इस बार मंडी ज़िले में बादल फटने की घटना ने रात के सन्नाटे को चीख-पुकार में बदल दिया।
सोमवार रात मंडी शहर में अचानक बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बारिश के कारण सुकाटी नालों में उफान आ गया, जिससे मलबा और पानी पांच किलोमीटर तक फैल गया। जेल रोड, सैनी मोहल्ला और जोनल अस्पताल क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं।

अब तक 3 लोगों की मौत
बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 3 लोगों की मौत, 1 घायल और 1 महिला लापता बताई जा रही है। प्रशासन के अनुसार 15-20 लोगों को बचाया जा चुका है। भारी बारिश के चलते 20 से अधिक वाहन मलबे में दब गए और कई घरों में पानी भर गया।
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स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि, एनडीआरएफ, पुलिस, होम गार्ड, और पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति और बिजली विभाग राहत-बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। विपाशा सदन में राहत शिविर स्थापित किया गया है। इस आपदा के बाद प्रशासन ने मंडी सदर उपमंडल में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए हैं।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे के कई हिस्से बह जाने से यातायात ठप हो गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते अन्य हिस्सों में भी भूस्खलन और बिजली बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले एक महीने में मंडी जिले में भारी बारिश से 15 और लोगों की जान जा चुकी है। इस नई आपदा ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।
₹1523 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
मौसम विभाग ने मंडी, कांगड़ा और कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट, जबकि शिमला, चंबा और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया है। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश को इस मानसून सीज़न में ₹1523 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, 90 लोगों की मौत और 35 लोग लापता हो चुके हैं।
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