Himachal Pradesh में भारी बारिश से मचा हाहाकार, 7 लोगों की गई जान...5 हजार करोड़ से ज्यादा का हुआ नुकसान

Himachal Pradesh Cloudburst Flood Heavy Rains: हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से भारी बारिश ने हाहाकार मचाया हुआ है। वहीं, बाढ़ और बादल फटने की घटनाएं भी सामने आ रही है। हिमाचल में जारी इस प्राकृतिक आपदा से अभी तक सरकारी और निजी संपत्ति को मिलाकर 5 हजार करोड़ से ज्यादा का नुक्सान हुआ।

इतना ही नहीं, प्रदेश में बीचे 24 घंटों के दौरान अलग-अलग हादसों की वजह से 7 लोगों की जान भी चली गई। बादल फटने व मूसलाधार बारिश के कारण मकानों को नुकसान होने के साथ खेत बह गए। रामपुर इलाके के कई माकनों में दरारें आ गई। तो वहीं, कई स्थानों पर लोग भी मलबे की चपेट में आ गए।

Himachal Pradesh Cloudburst Flood Heavy Rains

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश में अभी तक 66 भूस्खलन और 47 बार आचानक बाढ़ की घटनाएं सामने आई है। सामने आई इन प्राकृतिक आपदा से जान माल का बहुत नुकसान हुआ है। शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई।

अधिकारियों की मानें तो भूस्खलन में एक नेपाली दंपत्ति जिंदा दफन हो गया। जबकि, शनिवार को शिमाल में अचानक आई बाढ़ में एक भोजनालय ढ़ह गया और इसके अंदर तीन लोग मलबे में दबकर लापता हो गए। मलबे में दबे लोगों की पहचान रोशन लाल (62), उनकी पत्नी भागा देवी (57) और पोता कार्तिक (11) के रूप में हुई है।

इस घटना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू कर दिया था। हालांकि, अभी तक तीनों को कोई सुराग नहीं लग सका है। वहीं, शिमला में कोटखाई के कलाला गांव में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण नेपाली दंपत्ति का अस्थायी घर ढह गया। इस हादसे में भेम बहादुर और उनकी पत्नी शीला की मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों नेपाल के रहने वाले थे और कलाला में मजदूर के रूप में काम करते थे। बताया कि अचानक आई बाढ़ के बाद रोहड़ू में कई घरों और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें आनी शुरू हो गई हैं। इस बीच, हिमाचल पुलिस ने कहा कि पंजाब रोडवेज बस का मलबा शनिवार को मनाली की ब्यास नदी के बीच में पाया गया है।

पंजाब रोडवेज के अधिकारियों की मानें तो यह बस 09 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर 34 से चली थी और 10 जुलाई को मनाली के पास बाढ़ में बह गई। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त बस में यात्री सवार थे या नहीं? हालांकि, बस चालक और कंडक्टर के शव पहले ही बरामद कर लिए गए थे।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में 24 जुलाई से 26 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र के अनुसार, 24 जून को हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बाद से सड़क दुर्घटनाओं के अलावा, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने जैसी बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक 154 लोगों की मौत हो गई है।

राज्य को अब तक 5,077 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इतना ही नहीं, 592 मकान ध्वस्त होने के साथ 5268 मकानों को नुकसान हुआ है। 235 दुकानों के साथ 1616 गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा नाहन में 137.2 मिलीमीटर दर्ज की गई है।

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