Harshvardhan Chauhan ने कंगना के बिजली बिल आरोप पर किया तीखा पलटवार, कहा, 'उनको सुर्खियों में बने रहना पसंद'
Harshvardhan Chauhan: हाल ही में हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने भारी-भरकम बिजली बिल को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के उद्योग और ऊर्जा मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कंगना रनौत पर तीखा पलटवार किया है।
मंत्री चौहान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कंगना रनौत को सुर्खियों में बने रहना पसंद है और वह अक्सर ऐसे बयान देती हैं जो सनसनी फैलाने वाले होते हैं।

Harshvardhan Chauhan ने किया पलटवार
कंगना रनौत के बिजली बिल को लेकर दिए गए बयान के बाद हर्षवर्धन चौहान का ये बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि , "कंगना जी एक कलाकार हैं, उन्हें संवाद बोलने की कला बहुत अच्छे से आती है। लेकिन जब आप एक जनप्रतिनिधि बन जाते हैं तो जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंगना रनौत का बिजली बिल कोई असामान्य मामला नहीं है। उन्होंने बताया कि कंगना का ₹1 लाख का बिजली बिल तीन महीने की अवधि का है, और यह उनकी खपत के अनुसार ही बना है। मंत्री ने कहा, "बिजली बिल आपकी खपत के आधार पर ही आता है। जितनी ज्यादा बिजली आप इस्तेमाल करेंगे, उतना ही बिल आएगा। इसमें कुछ नया या चौंकाने वाला नहीं है।"
चौहान ने आरोप लगाया कि कंगना इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही हैं ताकि मीडिया का ध्यान आकर्षित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी उपभोक्ताओं को पारदर्शी और उचित दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वह आम नागरिक हों या कोई सांसद।
विक्रमादित्य सिंह ने ली चुटकी
इससे पहले हिमाचल प्रदेश के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अभिनेत्री कंगना रनौत पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मोहतरमा बड़ी शरारत करती है, बिजली का बिल नहीं भरती है, फिर मंच पर सरकार को कोसती हैं, ऐसा कैसा चलेगा।
विक्रमादित्य सिंह से पहले बुधवार को जारी एक बयान में HPSEB ने कहा कि 90,384 रुपये की राशि के बिल दो महीनों, जनवरी और फरवरी के लिए थे और इसमें 32,287 रुपये का पिछला बकाया भी शामिल था।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से व्यंगात्मक बहस छिड़ गई है जहां एक ओर कंगना खुद को आम जनता की आवाज बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार उनके बयानों को एक प्रचार रणनीति के रूप में देख रही है।












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