शिमला-मनाली जा रहे पर्यटक हो जाएं सावधान, बारिश के बाद अब बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश बर्फबारी के बाद अब भारी हिमस्खलन का खतरा पैदा हो गया है। जिससे प्रदेश सरकार व आम आदमी की चिंताएं बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि भारी हिमपात की वजह से हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रदेश के जिला किन्नौर,लाहौल स्पिीती,कुल्लू व चंबा में इसका खतरा है। इन इलाकों में पैदल व वाहन लेकर चलने की मनाही है।

इस बारे में रक्षा मंत्रालय के संगठन डीआरडीओ की ओर से बाकायदा यलो स्टेज चेतावनी जारी की गई है। डीआरडीओ ने कहा है कि पिछले 24 घंटे में 3500 मीटर से ऊपर के इलाकों में हुए भारी हिमपात हुआ है। खासकर मनाली लेह मार्ग खतरे के जोन में है। यहां पहले ही यातायात को बंद कर दिया गया है। भारतीय सेना लेह लद्दाख में अपनी सेना के लिये रसद इसी मार्ग से भेजती है। यही वजह है कि इस चेतावनी के बाद सेना की रसद भी अब इस सड़क मार्ग से नहीं जा पाएगी। प्रदेश का किन्नौर व लहौल का इलाका चाईना बार्डर से सटा है।
मिली जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ के हिम एवं अवधाव अध्ययन संस्थान ने यलो स्टेज की चेतावनी दी है। इसका मतलब यह है कि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई के बर्फीले, पहाड़ी रास्तों पर हिमस्खलन की ज्यादा आशंका है। संस्थान ने सुझाव दिया है कि खासतौर पर मनाली लेह मार्ग में वाहन लेकर या पैदल सफर न करें। इस चेतावनी के बाद प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, लाहौल-स्पीति के हम्पटा पास में ट्रैकिंग के लिए गए आईआईटी रुडक़ी के 35 लापता छात्र सुरक्षित हैं। उनके अलावा लापता 15 और लोग जिनमें विदेशी भी सुरक्षित हैं। हिमाचल सरकार उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। उन्हें एयरलिफट भी किया जा सकता है। कुल्लू जिला प्रशासन व लाहौल जिला प्रसाशन की टीमें इनसे सपंर्क करने की कोशिश में जुटी हैं।
हालांकि लाहौल स्पीति में भारी बर्फबारी के कारण लापता छात्र तक पहुंचने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। लेकिन ये सभी सुरक्षित हैं। बताया जाता है कि पर्वतारोहण करने गए छात्रों के ग्रुप के सदस्य मनाली लौट रहे थे। रास्ते में भारी बर्फबारी के चलते उनका संपर्क टूट गया। वहां पर्वतारोहण के लिए आए कुल 50 लोग लापता हैं। हालांकि इन सभी के सुरक्षित होने की खबर आ रही है। केलांग के एसडीएम अमर सिंह नेगी का कहना है कि लाहौल-स्पीति जिले के कोकसर कैंप में 8 यात्रियों का ग्रुप सुरक्षित है। इस दल में ब्रुनेई की एक महिला और नीदरलैंड्स का एक शख्स भी शामिल है।
आपको बता दें कि भारी बारिश और भूस्खलन से राज्य के 12 में से 10 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। मनाली का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है। वहीं, राज्य में बारिश से अभी तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। 378 से ज्यादा सडक़ें बंद हैं। इनमें से 167 सडक़ों पर ट्रैफिक को मंगलवार तक बहाल कर दिए जाने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि राज्य में 27 सितंबर से मौसम बिल्कुल साफ हो जाएगा।












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