Adani Wilmar के गोदाम पर पहुंची जीएसटी की टीम, 'रेड' पर क्या बोली अडानी की कंपनी?
अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी अलग-अलग कारणों से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके समूह की कंपनी अडानी विल्मर ने हिमाचल में गोदाम पर पहुंची जीएसटी अधिकारियों की टीम के संबंध में मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया है।

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Adani Wilmer भारत में प्रमुख औद्योगिक इकाई है। हिमाचल प्रदेश के परवाणू में अडानी विल्मर के डिपो गोदाम का निरीक्षण करने पहुंचे जीएसटी अधिकारियों के संबंध में इस कंपनी ने प्रवक्ता के माध्यम से बयान जारी किया है। अडानी विल्मर लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, अधिकारियों को कंपनी द्वारा किए गए संचालन और व्यवहार में कोई अनियमितता नहीं मिली।
क्या बोली अडानी की कंपनी
अडानी विल्मर लिमिटेड के प्रवक्ता के अनुसार, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि नियम 86बी के तहत कर देयता का भुगतान जरूरी नहीं और गोदाम पर जीएसटी अधिकारियों का आना छापेमारी नहीं है। प्रवक्ता ने जीएसटी कानून का हवाला देते हुए कहा, नकदी में जीएसटी भुगतान के लिए विशिष्ट चिंताएं थीं, लेकिन कंपनी को नकद में कर देयता का भुगतान करने की जरूरत नहीं है।
छापेमारी करने नहीं गई GST टीम
अडानी विल्मर ने कहा, हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि परवाणू में अडानी विल्मर के डिपो गोदाम का निरीक्षण करने पहुंचे जीएसटी अधिकारियों का दौरा एक नियमित निरीक्षण था, कोई छापेमारी नहीं था। जैसा कि पहले कहा गया या मीडिया में रिपोर्ट भी किया गया। बता दें कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्यों चर्चा में हैं अडानी ?
अडानी के मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी आक्रामक हैं। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि जब संबंधित एजेंसियों को टोपी पहनाई जा सकती हो तो पूरी जानकारी देने की जहमत क्यों उठाई जाए। महुआ ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से गौतम अडानी पर धोखे में रखने का आरोप लगाया और कहा कि अडानी ने बीजेपी और सरकार को टोपी पहनाई है।












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