मंडी हादसे में मरने वालों की संख्या 45 पहुंची, कई अभी भी मलबे में फंसे

शिमला। मंडी जिला के जोगिन्दर नगर के करीब शनिवार देर रात हुए भूस्खलन में अब तक 45 लोगों की जान जा चुकी हैं। सेना और एनडीआरएफ की टीमें डटी हैं। लगातार राहत व बचाव कार्य जारी है। मलबे में दबे लोगों को अर्थ मूवर मशीनों के सहारे से निकाला जा रहा है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मृतकों की संख्या में और इजाफा होने का अंदेशा है। बहरहाल सीएम वीरभद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। सीएम ने प्रभावितों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया।

पठानकोट में भीषण हादसा, 6 की मौत, 20 से ज्यादा लापता

कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक रात करीब दो बजे पठानकोट मंडी नेशनल हाईवे- 21 पर जोगिन्दर नगर के उरला के पास सड़क किनारे अचानक पहाड़ी दरकने से यात्रियों से भरी दो बसें और कई छोटे वाहन चपेट में आ गये। बसों में सवार यात्री इससे पहले कि कुछ समझ पाते तब तक सब कुछ तबाह हो चुका था। कई लोग तो उस समय गहरी नींद में थे। पहाड़ी का मलबा वाहनों को दूर तक धक्के से ले गया। एचआरटीसी की एक बस अभी भी मलबे में फंसी है। बताया जा रहा है कि इस बस में करीब 21 लोग सवार थे जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है।

मंडी हादसे में मरने वालों की संख्या 45 पहुंची, कई अभी भी मलबे में फंसे

एक ही परिवार के 3 बच्चे दबे
इस हादसे में एक ही परिवार के तीन बच्चे दब गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक ये लोग छोटी गाड़ी में सवार थे। जिस समय यह हादसा हुआ वे उसी जगह से गुजर रहे थे और भू-स्खलन की चपेट में आ गए। सीएम ने इन बच्चों की मां से मुलाकात की और मदद का भरोसा दिया। साथ ही मनाली से कटरा जाने वाली बस, जिसमें आठ यात्री सवार थे, तीन यात्रियों की मृत्यु हो गई है। जबकि पांच लोगों को बचा लिया गया है जिन्हें क्षेत्रीय अस्पताल मण्डी में दाखिल करवाया गया है। दो घायलों को प्राथमिक उपचार के उपरान्त अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। राज्य मुख्यालय में अन्तिम जानकारी प्राप्त होने तक दूसरी बस को भी मलबे से निकाल लिया गया है, जिसमें से नौ यात्रियों के शव बरामद हो चुके थे।

मंडी हादसे में मरने वालों की संख्या 45 पहुंची, कई अभी भी मलबे में फंसे

सेना और NDRF की टीम पहुंची
मंडी के जिलाधीश व अन्य अधिकारी मौका पर राहत व बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। मलबे में दबे लोगों को बचाने और निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीम कोटरूपी पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से चलाया जा रहा सर्च आप्रेशन कुछ खास नहीं कर पाया था। जिसे देखते हुये सेना को बुलाने का फैसला लिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक कोटरूपी में पालमपुर से 9 ग्रेडेनियर के 120 जवान मौके पर पहुंचे हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ जवानों ने भी मौका संभाल लिया है। जिनके शव निकाले जा चुके हैं उनकी पहचान सचवेत्रा पुत्री श्री मेला राम रामपुर,मंजु पुत्री रामकृष्ण करसोग,शुभम पठानकोट,अनीता पुत्री नेक राम कुरारी,ब्यूटी श्यार्मा पुत्री उपेन्दर शर्मा पटना बिहार ,राकेश सराहां धर्मशाला के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री ने दिया बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज जिला मण्डी के कोटपुरी का दौरा किया, जहां एक दु:खद घटना में शनिवार रात भीषण भू-स्खलन से गिरे पत्थर के टुकड़े के नीचे दो बसें दब गईं। मुख्यमंत्री ने बचाव तथा राहत कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्तिम व्यक्ति को खोज निकालने तक बचाव कार्य जारी रहेगा। एनरडीआरएफ, सेना, पुलिस तथा होमगार्ड के दलों को बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। वीरभद्र सिंह ने मृतकों व घायलों के परिजनों को फौरी राहत राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि सरकार घायल यात्रियों की चिकित्सा पर आने वाले खर्च का वहन करेगी। उन्होंने सम्पत्ति के नुकसान का शीघ्र अनुमान लगाने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावितों को उचित मुआवजा तथा अन्य सहायता प्रदान की जा सके।

यहां से हासिल करें जानकारी
उधर, प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। ये नंबर हैं 01905-226201, 202,203, इसके अलावा परिवहन निगम की ओर से भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो 01905235538 और मोबाइल नंबर 9418001051 है। कोई भी व्यक्ति इन नबंरों पर फोन कर कोई भी जानकारी हासिल कर सकता है।

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