भारतीय कुश्ती संघ से निलंबित होने के बाद बोलीं विनेश- 1 मेडल हारते ही लोगों ने निर्जीव समझ लिया
भिवानी। देश की नंबर-1 वुमन रेसलर रहीं विनेश फोगाट टोक्यो ओलंपिक में मेडल नहीं जीत पाईं। उन पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे। जिसके बाद उन्हें भारतीय कुश्ती संघ द्वारा अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। निलंबन पर तो उन्होंने कुछ नहीं कहा, मगर खुद को क्रिटिसाइज किए जाने पर कई भावनात्मक बातें कहीं। उन्होंने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जो मेरे लिए बोला जा रहा है..उसकी वजह से शायद खेल से दूर हो जाऊं। विनेश ने कहा कि, 'एक मेडल हारते ही लोगों ने मुझे निर्जीव समझ लिया। और मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं सपने में सो रही हूं।'

निलंबन पर विनेश फोगाट ने तोड़ी चुप्पी
विनेश ने अनुशासनहीनता से जुड़े डब्ल्यूएफआई के आरोपों पर भी सफाई दी। विनेश ने कहा, 'भारतीय खिलाड़ियों की टेस्टिंग हो रही थी और मेरी टेस्टिंग नहीं हुई थी। मैं केवल उन्हें सुरक्षित रखना चाहती थी। ऐसे में उन्होंने कैसे आरोप लगा दिया कि मैं टीम के साथ नहीं रहना चाहती थी।'
इस तरह विनेश ने अपनी बात कहते हुए फेडरेशन पर भी सवाल उठाए। उधर, डब्ल्यूएफआई ने विनेश को 16 अगस्त तक अपना पक्ष रखने का समय दिया है।

बड़ी बहन गीता ने लिया छोटी का पक्ष
उधर, विनेश की बहन गीता फोगाट का बयान आया है। गीता ने विनेश को ही सपोर्ट किया है। गीता ने कहा कि, विनेश ने अच्छा परफोर्म किया। उन्होंने कहा कि, अब पेरिस ओलंपिक में विनेश जोरदार वापसी करेगी। गीता ने कहा, ''छोटी बहन के जीवन के हर मोड़ पर उतार-चढ़ाव है, बस बिना रुके बिना थके, आगे बढ़ते रहना है..और किसी चीज़ से घबराने की ज़रूरत नहीं है। हम चैंपियन विनेश फोगाट को दोबारा और मज़बूती के साथ रेसलिंग मैट पर देखना चाहते हैं।''
गीता के अलावा लदंन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके योगेश्वर दत्त भी विनेश के समर्थन में उतर आए हैं। योगेश्वर ने कहा कि हमें विनेश की उपलब्धियों का सम्मान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "विनेश अच्छी पहलवान हैं, लेकिन टोक्यो ओलंपिक में वो दिन उनका नहीं था। वो हार गईं। ये जीतना और हारना खेल का एक हिस्सा है। जब हम जीतकर आते हैं तो गलती छुप जाती है, लेकिन हारने पर अच्छी चीजों को कोई याद नहीं रखता। सभी को यह याद रखना चाहिए कि कोई एथलीट हारना नहीं चाहता।"
भारतीय कुश्ती संघ का क्या कहना?
भारतीय कुश्ती महासंघ विनेश से खफा है। महासंघ के पदाधिकारी का कहना है कि, विनेश अपने देश के खिलाड़ियों की टोली में नहीं रहीं। उन्होंने भारतीय टीम के साथ ट्रेनिंग नहीं की और ट्रनिंग के दिशानिर्देश भी नहीं माने। यह अनुशासनहीनता थी, इसलिए उसे अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है। उसे जवाब देने होंगे। उसके बाद आगे तय होगा कि क्या करना है। गौरतलब है कि, 23 वर्षीय विनेश टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल की पदक वाली उम्मीदों में से एक थीं, लेकिन वह एकतरफा हारीं और बाहर हो गईं।












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