जाट संघर्ष समिति आज मना रही जाट बलिदान दिवस, सुरक्षा कड़ी

हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि हरियाणा पुलिस, केंद्रीय बल एवं अन्य एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी तरह की कोई परेशानी ना आए और जनता को कोई परेशानी ना हो।

नई दिल्ली। अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति ने पिछले साल जाट समुदाय के आरक्षण को लेकर हुए आंदोलन के दौरान मारे गए आंदोलनकरियों की याद में आज (19 फरवरी) को बलिदान दिवस मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान हरियाणा सरकार ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। राज्य में 37 कंपनी अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। राज्य में कुछ जगहों पर इंटरनेट की सेवा भी बंद कर दी गई हैं।
जाटों संघर्ष समिति आज मना रही जाट बलिदान दिवस, सुरक्षा कड़ी

बीते साल जाट आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर और मुआवजों को लेकर संघर्ष समिति और सरकार के बीच वार्ता विफल रहने के बाद धरनों पर भारी भीड़ उमड़ने की आशंका जतायी जा रही है। जाट समुदाय के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन आज शनिवार को 22वें दिन प्रवेश कर गया है। मुख्य धरना रोहतक के जसिया में चल रहा है, जबकि सोनीपत, भिवानी, हिसार, जींद, फतेहाबाद और झज्जर में भी चल रहे धरनों पर रविवार को भीड़ आ सकती है।

हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मोहम्मद अकील ने कहा कि रविवार को आम जनता के लिए कोई यातायात परामर्श जारी नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा पुलिस, केंद्रीय बल एवं अन्य एजेंसियां यह सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे के साथ समन्वय कर रही हैं कि शांति और कानून एवं व्यवस्था बरकरार रहे। हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने कहा है कि जाट आरक्षण से संबंधित मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी जाट नेताओं के साथ दूसरे दौर की वार्ता आगामी 20 फरवरी को पानीपत में करेगी।
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