PM मोदी सरकार में हरियाणा रोडवेज की बदली सूरत, करोड़ों की लागत ने किया कायाकल्प
हरियाणा रोडवेज की 3,864 बसों का बेड़ा हर रोज 10 लाख 15 हजार किमी की दूरी तय करता है। हरियाणा में राजमार्ग, प्रगति के पथ की तरह फैले हुए हैं, जो हलचल से भरपूर शहरों और शांतिभरे ग्रामीण आंचल को जोड़ते हैं। ये सड़कें लहराती फसलों और हरेभरे मैदानों से होकर गुजरती हैं, जो एक तरह से वहां रहने वाले लोगों के सपनों और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।
हरियाणा राज्य में इन सालों में राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार किया गया है। जबकि दिसंबर 2024 तक हरियाणा राज्य में 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश वाली परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। राज्य में सड़कों को अमेरिका की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य है। जिन परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, उनमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, कुंडली-मानेसर-पलवल राजमार्ग, 5 राजमार्गों को आपस में जोड़ने वाली अंबाला रिंग रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे, अंबाला-नारनौल एक्सप्रेसवे, भिवानी बाईपास और करनाल की रिंग रोड परियोजना शामिल हैं।

हरियाणा में चार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला 2023 में रखी गई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिसंबर 2024 तक हरियाणा में 2 लाख करोड़ रुपये की लगभग 100 परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रख रहा है। इनमें से 2200 किलोमीटर की 51 ऐसी परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्हें 47 हजारकरोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। जबकि 830 किलोमीटर लंबी 30 सड़क निर्माण परियोजनाएं प्रगति पर हैं, इन्हें लगभग 35000 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाना है। इसके अलावा 756 किलोमीटर की 19 अन्य परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जो 20,000 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होंगी। इतना ही नहीं 14 परियोजनाएं ऐसी भी हैं, जिनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
नितिन गडकरी ने कहा था कि साल-1966 में जब हरियाणा एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया, तो राज्य में सड़क-नेटवर्क की कुल लंबाई महज 5100 किमी थी, जबकि वर्तमान में ये अब और बढ़कर 31,468 किमी से ज्यादा लंबी हो गई है। केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत, हरियाणा के कम से कम छह जिलों को दिल्ली-कटरा-अमृतसर एक्सप्रेसवे से लाभ होगा। 137 किलोमीटर लंबा राजमार्ग झज्जर से शुरू होगा और पंजाब में प्रवेश करने से पहले रोहतक, सोनीपत, करनाल, जींद और कैथल से होकर गुजरेगा। इससे दिल्ली से कटरा की यात्रा का समय मौजूदा 12-13 घंटे से घटकर छह घंटे और दिल्ली से अमृतसर की यात्रा का समय मौजूदा 7-8 घंटे से घटकर महज़ 4 घंटे ही रह जाएगी।
हरियाणा राज्य में पिछले चार सालों में तेजी से राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है। 2014 तक राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 1,659 किमी थी। साल-2018 में हरियाणा राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़ाकर 3,531 किमी तक पहुंचा दी गई थी। वर्तमान में, हरियाणा में 34 राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ एक विशाल सड़क नेटवर्क है, जिनकी कुल लंबाई 2,484 किमी है, 11 एक्सप्रेसवे हैं, जिनमें 3 राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे और राज्य राजमार्ग शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 1,801 किमी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के विभिन्न शहरों, कस्बों और गांवों को जोड़ने में भूमिका निभाएगी और देश के अन्य हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण लिंक के रूप में भी काम करेगी। यह हरियाणा को बदल देगा, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के, आत्मनिर्भर भारत के सपने को, साकार करने में मदद मिलेगी।
भारतमाला परियोजना हरियाणा में बड़े बदलाव ला रही है, इसके राजमार्गों को बेहतर बना रही है और प्रगति को बढ़ावा दे रही है। यह विकास के गीत की तरह है, लोगों को जोड़ती है और समृद्धि लाती है। यह हरियाणा को मील दर मील बेहतर बना रहा है, और उज्जवल भविष्य के लिए सभी को एक साथ ला रहा है।
हरियाणा में कई राजमार्ग परियोजनाएं व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास, राज्य के विविध परिदृश्यों में कनेक्टिविटी, प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की मिसाल पेश करती हैं... ये प्रयास प्रगति के पथ पर बढ़ते भारत की एक चमकदार तस्वीर पेश करते हैं।












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