हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज मामले में करनाल DC और SP को मानवाधिकार आयोग का नोटिस
करनाल। हरियाणा के करनाल में 28 अगस्त को किसानों पर पुलिस के लाठीचार्ज के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने डीसी और एसपी को नोटिस भेजा है। मानवाधिकार आयोग ने यह नोटिस हरियाणा कांग्रेस की शिकायत मिलने पर भेजा है, जिसमें डीसी और एसपी से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

पुलिस की किसानों से झड़प मामले पर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेर रही है। कांग्रेस का कहना है कि, सरकार ने किसानों पर जुल्म ढहाया है। हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि, जब आयोग ने जवाब मांगा है। आयोग के इस कदम के बाद हमें उम्मीद है कि प्रशासन बिना लीपापोती किए, निष्पक्ष तरीके से जांच कर रिपोर्ट सौंपेगा और तुरंत प्रभाव से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष भी याचिका दायर की गई है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में उक्त याचिका पर जल्दी ही सुनवाई होने की उम्मीद है। उस याचिका में मांग की गई है कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच करवाई जाए। किसानों के पक्ष की ओर से कहा गया है कि, घायलों को मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज करके सख्त कार्रवाई कराई जाए।

इधर, पंजाब में भी किसानों-पुलिस की झड़प
किसानों की पुलिस से पंजाब के मोगा में भी झड़प हुई। यह घटना सुखबीर बादल की रैली में हुई। बताया जा रहा है कि, किसानों के पथराव में डीएसपी समेत 9 जख्मी हुए हैं। वहीं, जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया। बताया गया कि, पुलिस व किसानों के बीच झड़प में डीएसपी गुरदीप सिंह समेत 4 पुलिस जवान, 5 किसान घायल हुए हैं। यह पूरी घटना शिरोमणि अकाली दल की अनाज मंडी में हुई रैली के दौरान की है। वहां किसान जत्थेबंदियों किरती किसान यूनियन और भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे थे। सुखबीर बादल के संबोधन के दौरान ये प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर रैली स्थल से महज 200 मीटर तक करीब पहुंच गए। तभी झड़प हुई।












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