किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा के इस गांव ने किया कोविड लॉकडाउन का बहिष्कार

हिसार। हरियाणा के हिसार जिले में पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का विरोध करने जुटे प्रदर्शकारियों पर लाठीचार्ज हुआ था, पथराव करने पर पुलिस ने 80 से ज्यादा लोगों को पकड़ा भी था। झड़प में कई घायल भी हो गए थे। अब उस घटना का सूबे के कई स्थानों पर किसान संगठन और ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। आज माजरा के ग्रामीणों ने कोविड लॉकडाउन का बहिष्कार करने का फैसला किया। इस दौरान गांववालों ने कहा कि, किसानों पर लाठीचार्ज करना निंदनीय अपराध था। नियम भंग करने की कार्रवाई करनी हो तो नेताओं पर हो, सीएम खट्टर ने हिसार का दौरा कर धारा-144 का उल्लंघन किया था।

Majra village boycott Covid lockdown post baton charge on farmers protesters in Hisar

माजरा के एक बुजुर्ग ने कहा, "पुलिस ने किसानों की पिटाई की थी। किसान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के भी गोले दागे। अब हमने कोविड लॉकडाउन का बहिष्कार करने का फैसला किया है। हम अधिकारियों को गांव में नहीं घुसने देंगे।"
गौरतलब है कि, 16 मई को हिसार में किसान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई थी। वहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जिंदल मॉडर्न स्कूल परिसर में बने 500 बेड के अस्थाई कोविड केयर अस्पताल (चौधरी देवीलाल संजीवनी अस्पताल) का उद्घाटन करने के लिए आए थे। ऐसे में जब किसान-प्रदर्शनकारी उनका विरोध करने जुटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। दर्जनों किसानों को पुलिस ने बंदी भी बना लिया था। काफी पुलिसकर्मी और किसान घायल भी हो गए थे।

Majra village boycott Covid lockdown post baton charge on farmers protesters in Hisar

16 मई की घटना के बाद खफा किसान संगठन फिर प्रदर्शन में जुट गए। कांग्रेस पार्टी और कुछ निर्दलीय नेताओं ने भी हरियाणा सरकार व पुलिस के खिलाफ जुबानी मोर्चा खोल दिया। बीते रोज रेवाड़ी में ऑल इंडिया किसान खेत-मजदूर संगठन की अगुवाई में विभिन्न गांवों में प्रदर्शन किया गया। इससे पहले सोमवार को भी विरोध दिवस मनाया गया था। ऑल इंडिया किसान खेत-मजदूर संगठन के जिला सचिव रामकुमार निमोठ एवं किसान आंदोलन में सक्रिय कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि, किसानों पर बरसाई गई लाठी और आंसू गैस छोड़ने के विरोध में आवाज बुलंद होगी।

Majra village boycott Covid lockdown post baton charge on farmers protesters in Hisar
उन्होंने कहा, "किसानों पर लाठीचार्ज घोर निंदनीय है और मौलिक अधिकारों का हनन है। सरकार अपना बर्बर और किसान विरोधी चेहरा उजागर कर चुकी है। राजेंद्र सिंह ने कहा कि, यह किसानों पर हमला था। सरकार की एक सोची-समझी साजिश थी।

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