हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने X बायो से हटाया 'मंत्री' शब्द, क्या है असली वजह!
हरियाणा के सियासी गलियारों में एक बार फिर खलबली मची हुई है। इस बार इसकी वजह हैं अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर BJP के कद्दावर नेता और परिवहन मंत्री अनिल विज। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ही पार्टी के अंदर चल रहे 'राजनीतिक खेल' को उजागर कर सनसनी फैला दी है।
अनिल विज ने अपने X अकाउंट पर हिंदी में एक पोस्ट में आरोप लगाया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र अंबाला छावनी में कुछ लोग पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद से एक 'समानांतर भाजपा' चला रहे हैं।

उन्होंने लिखा, 'हमें क्या करना चाहिए, कमेंट बॉक्स में लिखें। पार्टी को बहुत नुकसान हो रहा है।' यह पोस्ट कहीं न कहीं उनकी अपनी ही पार्टी के प्रति उनकी गहरी नाराज़गी को दर्शाता है।
'मंत्री' टैग हटाया, वजह चौंकाने वाली
इस घटना के बाद विज ने अपने X बायो से 'मंत्री' शब्द हटा दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। उनका बायो अब 'अनिल विज अंबाला छावनी हरियाणा, भारत' है। हालांकि, उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह 'मंत्री' के रूप में लोकप्रियता नहीं चाहते। उनके अनुसार, 'विज खुद ही एक टैग है और उन्हें किसी और टैग की जरूरत नहीं है।'
यह पहली बार नहीं है जब विज ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इससे पहले भी उन्होंने 'मोदी का परिवार' टैगलाइन हटाकर विवाद खड़ा कर दिया था।
अनिल विज: एक नजर उनके राजनीतिक करियर पर
1990 के दशक की शुरुआत: अनिल विज ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ की थी।
- 1996: पहली बार अंबाला छावनी से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
- 1990 के दशक के अंत: हरियाणा में भाजपा के युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे।
- 2000: पहली बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य (MLA) चुने गए।
- लगातार जीत: 2009 के बाद से वे लगातार अंबाला छावनी से चुनाव जीत रहे हैं, जिससे उन्हें 'अजेय' नेता माना जाता है।
- 2014-2019: भाजपा की सरकार में स्वास्थ्य, खेल और युवा मामलों के मंत्री रहे।
- 2019 से अब तक: हरियाणा के गृह, शहरी स्थानीय निकाय और स्वास्थ्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं। वर्तमान में उनके पास परिवहन मंत्रालय का प्रभार है।












Click it and Unblock the Notifications