Haryana खाप ने की मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी को पकड़ने की मांग, लोगों से शांति बनाने रखने की अपील
Haryana News: 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा के बाद अब हरियाणा की खाप पंचायतों, सामाजिक संगठनों और किसान यूनियनों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की मांग की गई।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, मोनू मानेसर खुद को बजरंग दल का सदस्य और गौरक्षक बताता है। वह दो कथित गौ तस्करों की हत्या में वांछित चल रहा हैं। मोनू मानेसह ने एक वीडियो जारी कर नूंह में निकाले गए धार्मिक जुलूस में हिस्सा लेने की बात कही थी। इतना ही नहीं, जारी वीडियो में उसने भड़काऊ बातें भी कही थीं।

मोनू मानेसर के धार्मिक जुलूस में शामिल होने की अफवाह पर 31 जुलाई को नूंह जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठीं, जो बाद में गुरुग्राम और अन्य इलाकों तक फैल गईं। हिंसा के बाद अब तक पुलिस ने कार्रवाई कर विभिन्न जिलों में 113 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं और 305 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जबकि, 106 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तो वहीं, बुधवार 9 अगस्त को हरियाणा के खापों पंचायतों, किसान यूनियनों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने हिंसा की निंदा करने के लिए हिसार में एक 'महापंचायत' आयोजित की। इस दौरान क्षेत्र में शांति और सद्भाव के लिए कई प्रस्ताव पारित किए।
भारतीय किसान मजदूर संघ द्वारा आयोजित इस महापंचायत में हिंदू, मुस्लिम और सिखों ने भाग लिया। बैठक में संकल्प लिया गया कि सभी धर्मों के लोग शांति बहाल करने के लिए काम करेंगे। इस दौरान उन्होंने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए।
एनबीटी की खबर के मुताबिक, खाप ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर जुलूस निकालने की चुनौती देने वाले बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की मांग की गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी धर्मों के लोग किसी भी हिंसा में हिस्सा नहीं लेंगे।
खाप ने नूंह हिंसा से संबंधित अपने क्षेत्रों में शांति और सद्भाव स्थापित करने, नूंह सांप्रदायिक झड़प की निष्पक्ष जांच और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। खापें एक विशेष समुदाय के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए काम करेंगे।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, मानेसर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने नूंह धार्मिक जुलूस में शामिल होने का दावा किया और अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में बाहर आने का आह्वान किया था। हालांकि, बाद में मानेसर ने कहा कि वह विश्व हिंदू परिषद की सलाह पर सभा में शामिल नहीं हुए।
क्योंकि, उन्हें डर था कि उनकी उपस्थिति से क्षेत्र में तनाव पैदा हो सकता है। वहीं, हरियाणा राज्य पुलिस प्रमुख पीके अग्रवाल ने 2 अगस्त को कहा था कि झड़पों में मानेसर की भूमिका की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा।












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