'संविधान और शास्त्रों में भी नहीं हुआ 'इंडिया' का उपयोग', अनिल विज ने पूछा-फिर भारत बुलाने में आपत्ति क्यों?
India vs Bharat Controversy: इन दिनों देश के अंदर इंडिया vs भारत नाम पर सियासी घमासान मचा हुआ है। अब इस विवाद में हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज की भी एंट्री हो गई है। गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि संविधान से लेकर शास्त्रों तक में इंडिया का नाम भारत है।
इस दौरान उन्होंने पूछा कि इंडिया का उसके असली नाम भारत से बुलाने में आपत्ति क्यों? हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने इस दौरान संविधान के अनुच्छेद 1 और वेद-पुराण का भी जिक्र किया है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए अनिल विज ने कहा,
भारत के संविधान के अनुच्छेद 1 में ही लिखा है, 'वी द पीपल ऑफ इंडिया दैट इज भारत'। हमारे किसी भी शास्त्र में इंडिया शब्दा का उपयोग नहीं हुआ...हमारे राष्ट्रीय गान में भी भारत भाग्य विधाता है, वहां इंडिया भाग्य विधाता क्यों नहीं है?
INDIA गठबंधन पर साथा निशाना
इस दौरान हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये पहली बार नहीं है जब इन्होंने अपना नाम INDIA रखा हो। इससे पहले भी साल 1977 में INDIRA IS INDIA का नारा दिया था। तब जो इनका हाल हुआ था वही हाल इस बार INDIA गठबंधन का जनता करेंगी।
असली नाम से आपत्ति क्यों?
अनिल विज ने इस दौरान पूछा कि असली नाम भारत से आपत्ति क्यों है? विज ने शास्त्रों और राष्ट्रगान का उदहारण देते हुए कहा कि कहीं भी इंडिया नहीं लिखा गया है। कहा कि प्रचलित नाम कुछ और है और असली नाम कुछ और है, तो असली नाम से पुकारने पर ऐतराज क्यों हो रहा है।












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