अब नहीं बोल सकेंगे ‘गोरखधंधा’, हरियाणा सरकार ने इस शब्द को प्रतिबंधित किया, गुरु गोरखनाथ से है जुड़ा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने 'गोरखधंधा' शब्द के प्रयोग पर बैन लगा दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसके आदेश जारी किए। खट्टर ने कहा, "किसी भी आधिकारिक भाषा, भाषण या किसी भी संदर्भ में इस शब्द का प्रयोग गुरु गोरखनाथ के अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है। अत: अब किसी भी संदर्भ में इस शब्द का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।"

नाथ पंथ के अनुनायियों ने की थी मांग
बता दिया जाए कि, नाथ पंथ के अनुनायियों ने 'गोरखधंधा' शब्द पर रोक लगवाने की मांग की थी। कहा जाता है कि, गोरखधंधा शब्द प्रसिद्ध योगी गोरखनाथ की साधना से प्रचलन में आया था। योगी गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के प्रसिद्ध योगी हुए हैं। गुरु गोरखनाथ ने योग की अलग-अलग कठिन साधनाएं व आसनों की शिक्षा लोगों को दी। उनकी कठिन साधनाओं को उस समय गोरखधंधा नाम से बोला जाता था। हालांकि, धीरे-धीरे इस शब्द का प्रयोग गलत कामों के उच्चारण के लिए किया जाना लगा।

आम बोलचाल में "गोरखधंधा"
कई राज्यों के लोग आम बोलचाल की भाषा में अनैतिक कार्यों के लिए "गोरखधंधा" शब्द प्रयोग करते हैं। लोग यही समझते हैं कि गोरखधंधा शब्द ही ठगी या धोखाधड़ी से जुड़ा कार्य है। ऐसे में हर कोई इसे बोल देता है। हालांकि, अब किसी तरह के गलत कार्यों, ठगी-धोखाधड़ी आदि कारनामों में 'गोरखधंधा' शब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

प्रसिद्ध योगी रहे हैं गोरखनाथ
नाथ पंथ के अनुनायी बताते हैं कि, गुरु गोरखनाथ ने भारत समेत नेपाल, भूटान, तिब्बत आदि देशों में नाथ मठों की स्थापना की थी। वे प्रतिष्ठित योग-साधक रहे हैं। यहां तक कि, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा सांसद बाबा बालकनाथ भी गोरखनाथ संप्रदाय से ही संबंधित हैं।












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