पराली एक्स-सीटू प्रबंधन नीति 2023 को हरियाणा सरकार ने दी मंजूरी, जानिए इसके फायदे
Haryana Govt: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंत्रिमंडल की बैठक में पराली जलाने के मामलों में कमी लाने के लिए बड़ा कमद उठाया है। सीएम खट्टर ने बुधवार 11 अक्टूबर को पराली एक्स-सीटू प्रबंधन नीति हरियाणा 2023 को मंजूरी दे दी है। साथ ही, इस नीति से किसानों को होने वाले फायदे भी बताए।
दरअसल, पराली जलाने से कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड जसी जहरीली गैस निकलती है, जिससे पर्यावरण पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। वायु प्रदूषण की वजह से लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इसी के चलते हरियाणा, यूपी और पंजाब की सरकारों ने पराली जलाने पर रोक लगाई हुई है।

हरियाणा सरकार की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उसके आस-पास लगते क्षेत्रों में पराली जलाने के मामलों में कमी लाने, टिकाऊ ऊर्जा के लिए धान की पराली का उपयोग करने और 2027 तक फसल अवशेष जलाने को खत्म करने के लिए पराली एक्स-सीटू प्रबंधन नीति हरियाणा 2023 को मंजूरी दी गई।
इस दौरान खट्टर सरकार ने इस नीति के फायदे भी बताए। सरकार द्वारा बताया गया कि यह नीति धान के भूसे-आधारित परियोजनाओं में निजी निवेश बढाने, किसानों को प्रोत्साहित कर जिम्मेदारी के साथ पराली का उपयोग सुनिश्चित करने और किसानों और उद्योगों के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने पर ध्यान केन्द्रित करेगी।
इतना ही नहीं, इस नीति के कार्यान्वयन से पराली जलाने में कमी होने के साथ ही वायु गुणवत्ता और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होगा और हरियाणा में पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त यह नीति धान के भूसे के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।












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