Adampur Seat: 56 साल बाद ढह गया भजनलाल का अभेद किला आदमपुर, कौन हैं भव्य बिश्नोई को हराने वाले पूर्व IAS?
Who is Retired IAS Chadra Prakash: हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Chunav Result 2024) में एग्जिट पोल को पलटते हुए बीजेपी ने जीत की शानदार हैट्रिक लगाई है। लेकिन हिसार की आदमपुर सीट पर चुनाव के हैरान कर देने वाले नतीजे सामने आए हैं। आदमपुर सीट 56 साल बाद भजनलाल परिवार हार गया है। भजनलाल के पोते, कुलदीप विश्नोई के बेटे और बीजेपी उम्मीदवार भव्य बिश्नोई को यहां हार का सामना करना पड़ा है।
आदमपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व रिटायर्ड आईएएस ने जीत हासिल की है। उन्होंने भव्य बिश्नोई को 1268 वोटों से चुनाव हराया है। 13 राउंड की काउंटिंग के बाद आदमपुर जिसे पूर्व सीएम भजनलाल का अभेद्य किला कहा जाता था। पूर्व IAS ने धराशाई कर दिया। ऐसे में जानिए कौन हैं वो पूर्व IAS, जिन्होंने 56 साल में पहली बार भजनलाल के कुनबे को हराया है?

आदमपुर सीट पर पहली बार मिली हार
आदमपुर सीट पर इससे पहले कभी भी बिश्नोई परिवार को हार नसीब नहीं हुई थी। यहां पूर्व सीएम भजन लाल 1968 में पहली बार जीते थे। इसके बाद यहां उनकी पत्नी जसमा देवी, फिर बेटा कुलदीप बिश्नोई, इसके बाद कुलदीप की पत्नी रेणुका बिश्नोई के बाद बेटे भव्य बिश्नोई जीते थे, लेकिन 2024 के चुनाव में पहली बार भजन लाल परिवार को हार का सामना करना पड़ा।
2022 में विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्या बिश्नोई आदमपुर से विधायक चुने गए, हालांकि अब 2024 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर पहली बार ऐसा हुआ है, जब भजनलाल परिवार का कोई सदस्य चुनाव हारा है।
जानिए कौन हैं पूर्व IAS चंद्र प्रकाश?
कांग्रेस पार्टी की झोली में आदमपुर सीट जीतक डालने वाले चंद्र प्रकाश पूर्व आईएएस अफसर हैं। इतना ही नहीं चंद्र प्रकाश, पंडित रामजीलाल के भतीजे हैं, जो चौधरी भजनलाल के बेहद करीबी थे।
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बताया जाता है कि पूर्व सांसद रामजी लाल ही भजनलाल के राजनीतिक काम देखते थे। लेकिन देखिए अब उन्हीं रामजी लाल के भतीजे चंद्रप्रकाश ने भजनलाल के पोते को कांटे की टक्कर में चुनाव हरा दिया।
बता दें कि 20 अक्टूबर 1957 को हिसार के आर्यनगर गांव में पैदा हुए चंद्र प्रकाश ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई करते हुए हिसार के डीएन कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया और फिर 1981 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
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1983 में पीसीएस अधिकारी बने थे चंद्र प्रकाश
- 1981 में एलएलबी करने के बाद चंद्र प्रकाश ने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की, जिसके बाद उन्होंने हरियाणा सिविल सर्विसेज परीक्षा में पास की और 1983 में पीसीएस अधिकारी का पद हासिल कर लिया।
- सूबे में प्रशासनिक अफसर के पदों पर सेवाएं देने के बाद उनको 1995 में आईएएस (IAS) के रूप में प्रमोशन दिया गया।
- चंद्र प्रकाश ने मेवात, रेवाड़ी, करनाल, महेंद्रगढ़ और झज्जर जैसे जिलों पर डिप्टी कमिश्नर के रूप में कार्य किया। साथ ही हरियाणा बैकवर्ड क्लासेज एंड इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन, शेड्यूल कास्ट फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हरियाणा वुमेन एंड चाइल्ड कॉर्पोरेशन, और एचएएफईडी के मैनेजिंग डायरेक्टर का पद भी संभाला है।
- वहीं स्टेट ट्रांसपोर्ट हरियाणा के डायरेक्टर जनरल और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के रूप में भी कार्यरत रहे। इतना ही नहीं वह स्टेट रेवेन्यू और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सचिव भी रहे हैं।
- अपनी सर्विस के अंतिम दौर में राज्य सूचना आयुक्त के पद कार्य करते हुए 2017 में रिटायर हुए। इसके बाद 2022 में वो कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए।












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