बीजेपी पार्टी से निकाला तो कार्यकर्ता ने वापस मांग लिए ₹10000
ग्वालियर में बीजेपी से निकाले गए कार्यकर्ता ने वापस मांगे पार्टी फंड मे जमा कराए गए रुपय
ग्वालियर, 11 जुलाई। जिस पार्टी के लिए कार्यकर्ता ने रात दिन मेहनत की, उस पार्टी से जब टिकट मांगने की बारी आई तो कार्यकर्ता ने जिला अध्यक्ष के कहने पर अपना बायोडाटा देते वक्त ₹10000 भी पार्टी फंड पर जमा करा दिए। लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं। बीजेपी का कार्यकर्ता बागी होकर चुनाव मैदान में उतर आया तो पार्टी ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब यही कार्यकर्ता पार्टी से अपने ₹10000 वापस मांग रहा है। इसके लिए उसने सोशल मीडिया पर खुलेआम पोस्ट भी अपलोड की है।

वार्ड 34 से टिकट मांग रहा था बीजेपी का पूर्व कार्यकर्ता अमित सूरी
बीजेपी का पूर्व कार्यकर्ता अमित सूरी वार्ड 34 से बीजेपी के ही टिकट पर पार्षद प्रत्याशी के लिए दावेदारी कर रहा था। अमित सूरी ने इसके लिए पूरे जोर भी लगा दिया था। अमित सूरी का कहना है कि उसने अपना बायोडाटा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी को देते हुए ₹10000 भी पार्टी में जमा करवा दिए थे।
पार्टी ने अमित सूरी की जगह रवि तोमर को दे दिया टिकट
बीजेपी पार्टी ने अमित सूरी की जगह वार्ड 34 से रवि तोमर को अपना प्रत्याशी बना दिया। इस बात की जानकारी जब अमित सूरी को लगी तो उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी। पार्टी से बगावत करने की वजह से अमित सूरी को पार्टी से निष्कासित भी कर दिया गया। अमित सूरी के साथ बीजेपी के 24 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित किया गया।
निष्कासन के बाद अमित सूरी ने वापस मांगी पार्टी फंड में जमा की गई राशि
बीजेपी पार्टी द्वारा अमित सूरी को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद अमित सूरी ने पार्टी फंड में जमा कराए गए ₹10000 वापस मांग लिए। अमित सूरी ने पार्टी फंड में ऑनलाइन ₹10000 ट्रांसफर किए थे। अमित सूरी ने बीजेपी के जिला अध्यक्ष कमल मखीजानी के कहने पर बीजेपी के ग्वालियर के सह कोषाध्यक्ष बिरजू शिवहरे को खाते में ऑनलाईन ₹10000 ट्रांसफर किए थे। अमित सूरी ने इस रुपए के ट्रांसफर का ऑनलाइन स्क्रीनशॉट खींच कर इसे सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए बीजेपी पार्टी से अपने ₹10000 वापस मांगे है।
अमित सूरी द्वारा पार्टी फंड से पैसे वापस मांगने पर पार्टी की हो रही किरकिरी
बीजेपी के पूर्व कार्यकर्ता अमित सूरी द्वारा पार्टी फंड में जमा कराए गए ₹10000 वापस मांगने का जो तरीका सोशल मीडिया पर अख्तियार किया गया है इस वजह से बीजेपी की बहुत किरकिरी हो रही है। इसे लेकर बीजेपी में हलचल भी तेज हो गई है। अब पार्टी इस बात पर विचार कर रही है कि यह तो सिर्फ अकेले अमित सूरी ने ही पार्टी फंड से पैसे वापस मांगे हैं अगर अन्य पार्टी के पूर्व कार्यकर्ता जिन्हें बीजेपी ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है उन सभी ने इस तरीके से खुलेआम पार्टी से रुपए वापस मांगने के लिए सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया तो आखिर बीजेपी पार्टी को इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।












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