Gwalior News: कृषि विश्वविद्यालय ने स्कूल का गेट बंद किया तो सड़क पर उतरे स्कूल के तीन हजार बच्चे
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
ग्वालियर शहर के सबसे पुराने स्कूलों में से एक केंद्रीय विद्यालय नंबर एक में है उसे समय हंगामा हो गया जब स्कूल का रास्ता बंद किए जाने से नाराज स्कूल के छात्र-छात्राएं नाराज होकर सड़क पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया।
बस स्टेण्ड के समीप स्थित शहर के सबसे पुराने और बड़े केंद्रीय विद्यालय नम्बर एक में कृषि विवि के कर्मचारियों द्वारा स्कूल की तरफ से खुलने वाले गेट को बंद कर बाउंड्री बनाने की शुरुवात करने पर स्कूल के बच्चे इसके खिलाफ सडक पर आकर प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना है कि उनका यह गेट चालू रखा जाए क्योंकि इसके बन्द होने से उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ेगी और एक्सीडेंट का खतरा और बढ़ जाएगा।

अचानक सड़कों पर उतरे बच्चे
ग्वालियर में बस स्टेण्ड के समीप केंद्रीय विधालय क्रमांक स्थित है। यह अंचल के सबसे पुराना और बड़ा स्कूल है जिसमें 3 हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ते है। पहले यह विधालय शहर से बाहर होता था लेकिन अब यह एकदम व्यस्त इलाके में है । बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन नजदीक होने से यहां बस और अन्य वाहन बहुत निकलते है । सुबह स्कूल खुलते और बाद में छुट्टी के समय यहां सड़क पर बच्चो की बहुत भीड़ हो जाती है जिसके चलते वहां अनेक दुर्घटनाये हो चुकी है।
एग्रीकल्चर विवि ने किया गेट बंद
केवी के पीछे कृषि महाविद्यालय की रिहायशी कॉलोनी और खाली जमीन है । स्कूल का अपना एक ही गेट है लेकिन उन्होंने अपना एक गेट पीछे कृषि विवि की जमीन में बना रखा था जिससे स्कूल की गाड़ियां आती जातीं थी लेकिन आज अचानक विवि के लोगों ने उस गेट को बन्द कर बाउंड्री वाल बनांना शुरू कर दिया । जैसे ही इसकी जानकारी स्कूल में बच्चों को मिली तो उन्होंने सडक पर निकलकर हंगामा कर दिया और बंद किये जा रहे गेट पर जाकर बैठ गए। उनका कहना है कि उनकी सुरक्षा के मद्देनजर यह रास्ता बंद न किया जाए।
क्या कहते है विवि के अफसर
कृषि विवि के रजिस्ट्रार अनिल सक्सेना का कहना है कि यह एग्रीकल्चर विवि की जमीन है । हम लोग बाउंड्रीवाल कर रहे थे लेकिन केंद्रीय विद्यालय ने इस पर अनाधिकृत रूप से गेट खोला हुआ था । हम इसे बन्द कराने पंहुंचे तो बच्चों को यहां भेज दिया गया। वे रास्ता चाह रहे है वह कैसे दे सकते हैं? सक्सेना का कहना है कि एक दो दिन पहले स्कूल प्रबंधन ने यह गेट बना लिया है।
प्राचार्य बोले बच्चों की सेफ्टी के लिए यह गेट जरूरी
केवी नम्बर एक के प्राचार्य गौरव तिवारी का कहना है कि यह स्कूल 2 परियों में चलता है । इंसमे सवा तीन हजार के आसपास बच्चे पढ़ते है जबकि हमारे पास सिर्फ एक गेट है जो बस स्टैंड की तरफ खुलता है जहां ट्रैफिक बहुत रहता है। तिवारी का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन कमेटी की बैठक में इसको लेकर चिंता व्यक्त करते हुए तय हुआ था कि दूसरी तरफ होटल रामाया के सामने जहां सड़क चौंडी है।
वहां का गेट खोला जाए। दो तीन माह यह खोला गया। इससे फायदा यह होता है कि सभी वाहन स्कूल कम्पाउंड के बाहर आते है। बच्चे अंदर से ही सुरक्षित उतरते और चढ़ते हैं। इससे बस स्टैंड रोड की ट्रेफिक समस्या भी हल हो गई है। इसके अलावा छुट्टी के समय मौजूद रहने वाले मनचले लड़को से भी मुक्ति मिली। यह व्यवस्था निर्वाध रूप से चल रही है लेकिन आज उसे बन्द किया जाने लगा।
प्राचार्य का कहना है कि भले ही यह जमीन किसी की हो लेकिन हमारे से एकदम लगी है और हमारा भी अधिकार बनता है कि हमे निकलने का रास्ता दिया जाए फिर यह तो छात्र छात्राओं के जींवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है इसलिए इस पर तो मानवीय आधार पर विचार किया जाना चाहिए।












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