'हिंदुओं की लाशें टांगी गई', बांग्लादेश के साथ क्रिकेट नहीं होने देंगे, बजरंग दल ने पाकिस्तान को कहां गद्दार

IND vs BAN T20 Match: ग्वालियर में 14 साल बाद बांग्लादेश और भारत के बीच अंतरराष्ट्रीय टी 20 मैच खेला जाएगा। लेकिन हिंदू महासभा सहित अन्य हिंदू संगठनों के बाद अब भारत -बांग्लादेश T-20 मैच के विरोध में बजरंग दल भी सामने आ गया है।

बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश भारत के बीच क्रिकेट में ऐसे समय में हो रहा है, जिस समय में सम्पूर्ण बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ बर्बरता और वीभत्स अत्याचार हुए हैं। दो-दो, तीन-तीन दिन तक हिंदुओं की लाशें टांगी गईं, जिसे पूरी दुनिया ने देखा है। कितनी ही बहनों को उठाकर उनके साथ गैंगरेप हुए हैं।

Bangladesh cricket match Bajrang Dal protest

ऐसी बर्बरता पूरी दुनिया में हिंदुओं के साथ नहीं हुई है, जैसी बांग्लादेश में हुई, इसलिए भारतीय इस मैच के कारण दुखी हैं। इसलिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म और विभिन्न स्थानों पर TV डिबेटो में अधिकतर लोगों ने कहा है कि ये मैच नहीं होना चाहिए।

बजरंग दल भी चाहता है कि ये मैच रद्द किया जाए, जिसके कारण हिंदुओं की भावनाओं को अत्यधिक ठेस पहुंच रही है, अभी कानपुर में जो मैच हुआ वहां पर भी बजरंग दल ने इसका विरोध किया था। हम सबने देखा होगा कि पाकिस्तान के साथ में कितने ही प्रकार के मैच हुए, लेकिन पाकिस्तान कभी अपनी आतंकवादी गतिविधियों से बाज नहीं आया और पाकिस्तान ने हमेशा धोखा दिया।वर्तमान में उन्होंने दुर्गा पूजा पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। दुर्गा पूजा होने नहीं दे रहे, पांच लाख रुपए की रंगदारी मांगी है। प्रत्येक दुर्गा पंडाल के आधार पर जहां ऐसी बर्बरता हिंदुओं के साथ हो रही हो और यहां पर भारत में उनके साथ मैच एक तरह से करोड़ो करोड़ भारतवासियों की भावनाओं पर कुठाराघात है ये मैच रद्द होना चाहिए और बजरंग दल भी इसका विरोध करेगा और विरोध तब तक करेगा जब मैच का बहिष्कार हो और ये मैच रद्द हो।

विरोध का तरीका पूछने के सवाल पर राष्ट्रीय संयोजक दौनेरिया ने कहा कि उसकी रूपरेखा बनाई जाएगी, रणनीति का हिस्सा होता है पहले नहीं खोलेंगे उसका विरोध प्रबल होगा। तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट को लेकर बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार को सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि तिरुपति बालाजी का मंदिर पूरी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हिंदुओं का अत्याधिक आराध्य स्थान है बहुत श्रद्धा और बहुत निष्ठा है।इस मंदिर के प्रति लोग वहां जाकर केश दान करते हैं। सबसे अमीर मंदिर माना जाता है।

सर्वाधिक वहां चढ़ावा चढ़ता है दान पात्र में आता है। ऐसे स्थान पर पिछली सरकार जगमोहन सरकार ने उस समय मंदिर से सबंधित प्रसाद में जो सामग्री आती है। उसका टेंडर निकालकर मुस्लिमों को दे दिया, मिलावट हो सकती है, लेकिन मिलावट में गाय की चर्बी, मछली का तेल, मुर्गे आदि की चीजें,ये सभी चीजें सामने आई हैं।

इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। स्वतंत्र भारत में ही नहीं इससे पहले भी कभी ऐसा श्रद्धा पर चोट पहुंचाने का कृत्य नहीं हुआ है।जैसा कि तिरुपति बालाजी मंदिर में पिछले समय में हुआ जिसका खुलासा जुलाई माह में ही हो गया था लेकिन वर्तमान के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्वयं ही इस बात की जानकारी दी है। इनमें जो दोषी हैं जिनके नाम सामने आए हैं वे गिरफ्तार होने चाहिए और वहां के पूर्व मुख्यमंत्री भी गिरफ्तार होने चाहिए ताकि वह जांच में बाधा ना डाल सकें..देश में पूर्व में ऐसी कई गिरफ्तारी हुई हैं,जिनमें जेल भेजे ताकि जांच ठीक से हो सके और ये जितने भी नाम आए हैं।

उनकी जांच होने के बाद उन्हें फांसी के तख्त पर लटकाना चाहिए,इतने लोगों की श्रद्धा पर चोट पहुंचाना आघात लगाना।यह बर्बरता की श्रेणी में आता है और इसके साथ साथ बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद की मांग है और तिरुपति बालाजी मंदिर सरकार अपने नियंत्रण से मुक्त करे और ये हिंदुओं को सौंपे और उसका ट्रस्ट बनाकर सौंपे और इसके साथ साथ में सम्पूर्ण देश के अंदर जितने भी मंदिर हैं। पांच लाख से ऊपर मंदिर सरकार के नियंत्रण में हैं केंद्र सरकार राज्य सरकारों के नियंत्रण में हैं ये मंदिर ट्रस्ट बनाकर हिंदुओं को सौंपे जाने चाहिए हिंदू भी अपनी कार्य सेवाएं कर सके धर्मांतरण होने वाली चीजों को रोका जा सके ताकि इस तरह की आस्था को चोट पहुंचाने की घटनाएं दोबारा नहीं हो सकें।

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