भाजपा नेता ने बीवी के साथ मिलकर रिटायर्ड फौजी से ऐंठ लिए लाखों
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में ग्वालियर का एक रिटायर्ड फौजी नौकरी के चक्कर में लाखों गंवा बैठा। रिटायर्ड फौजी को यहां भाजपा के सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी ने झांसा दिया, रकम लेने के बाद धमकियां देने लगा। पुलिस में भी रिटायर्ड फौजी की कंप्लेंट कर दी। हालांकि, पुलिस ने ठगी को भांपते हुए रिटायर्ड फौजी की ओर से भाजपा पदाधिकारी पर केस दर्ज किया है।

बीवी के साथ फौजी को बनाया टारगेट, लिए 4 लाख
जानकारी के मुताबिक, महाराजपुरा थाना इलाके में रिटायर्ड फौजी संजय सिंह के साथ ठगी हुई। संजय की मानें तो ठगी की साजिश को अंजाम देने वाला भी कोई और नहीं बल्कि भाजपा के सैनिक प्रकोष्ठ का प्रदेश पदाधिकारी है। ग्वालियर में ड्राइवर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर भाजपा नेता और उसकी पत्नी ने सेवानिवृत्त फौजी से 4 लाख रुपए ठग लिए, लेकिन जब नौकरी नहीं लगी और रुपए वापिस मांगे तो आरोपी ने उसे 90 हजार रुपए वापिस कर दिए। जबकि बाकी रकम वापस मांगने पर भाजपा नेता ने उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी दे डाली।
पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को भाजपा के सैनिक प्रकोष्ठ का प्रदेश पदाधिकारी बता रहा है। महाराजपुरा थाना पुलिस ने आरोपी पति, पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुष्कर कॉलोनी निवासी संजय सिंह भदौरिया पुत्र मास्टर सिंह भदौरिया ने बताया कि वायुनगर निवासी इंद्रजीत सिंह भदौरिया और उसकी पत्नी अंजू भदौरिया ने एनसीसी अकादमी में ड्राइवर की नौकरी लगवाने के लिए 4 लाख रुपए लिए थे। संजय 31 अगस्त 2016 को सेना से सेवानिवृत्त हुए थे।
इंद्रजीत भी रिटायर्ड फौजी
संजय के अनुसार उन्होंने एनसीसी अफसर प्रशिक्षण अकादमी में सिविल मोटर ड्राइवर के पद पर नौकरी के लिए आवेदन दिया था और 20 सितंबर 2017 को टेस्ट देेने गए थे। टेस्ट के दौरान ही उन्हें इंद्रजीत भदौरिया मिला। वह भी सेना से रिटायर्ड है और अब नेतागिरी करता है।
पुलिस से पकड़वाने की धमकी देने लगा
आरोपी इंद्रजीत ने उन्हें मोबाइल में कई नेताओं के साथ अपने फोटो दिखाते हुए कहा कि बिना जुगाड़ के कोई काम नहीं होता। नौकरी चाहिए तो 4 लाख रुपए दो, मैं तुम्हारी नौकरी पक्की करवा दूंगा। इंद्रजीत की बातों में आकर संजय ने उसे रुपए दे दिए। लेकिन मार्च 2018 में जब रिजल्ट निकला और संजय की नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने इंद्रजीत से रुपए वापस मांगे। पहले तो वह टालता रहा लेकिन दबाव डालने पर दो बार में 50 हजार व 40 हजार रुपए वापस कर दिए। वहीं बाकी की रकम मांगने पर इंद्रजीत पुलिस से पकड़वाने की धमकी देने लगा।
'झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं'
''यह आरोप सरासर गलत हैं। मैंने किसी के साथ कोई ठगी नहीं की। मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। जहां तक फोटो दिखाने की बात है तो मैं तो भाजपा का पुराना नेता हूं, सैनिक प्रकोष्ठ का पदाधिकारी भी रहा हूं। मुझे कौन नहीं जानता, जो उसे फोटो दिखाता।''
- इंद्रजीत सिंह भदौरिया, भाजपा नेता।












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