ग्वालियर चिड़ियाघर में टाइगर मां ने अपनी शावक बेटी भवानी की ले ली जान

ग्वालियर चिड़ियाघर में मादा टाइगर मीरा ने अपनी शावक बेटी भवानी पर हमला कर उसकी जान ले ली

ग्वालियर, 10 सितंबर। ग्वालियर के चिड़ियाघर में बंद टाइगर मां मीरा ने अपनी ही 1 साल की मादा शावक पर हमला करते हुए उसकी जान ले ली। यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ जब मादा शावक भवानी अपनी टाइगर मां मीरा के साथ एक ही पिंजड़े में बंद थी तभी अचानक मीरा ने भवानी पर हमला बोल दिया। इस वजह से भवानी गंभीर घायल हो गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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    ग्वालियर चिड़ियाघर में टाइगर मां ने अपनी शावक बेटी भवानी की ले ली जान
    शुक्रवार की शाम को हुआ था घटनाक्रम

    शुक्रवार की शाम को हुआ था घटनाक्रम

    शुक्रवार को टाइगर मां मीरा के साथ उसकी शावक बेटी भवानी पिंजड़े में बंद थी तभी अचानक मीरा ने भवानी पर हमला बोल दिया। भवानी ने बचने का प्रयास भी किया लेकिन मीरा के तेज नाखूनों से भवानी बच नहीं सकी। मीरा के हमले से भवानी के शरीर पर कई गंभीर चोट आ गई और थोड़ी देर बाद भवानी ने दम तोड़ दिया।

    पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार

    पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार

    शनिवार को चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा वन विभाग के अमले को सूचना दी गई। मौके पर वन विभाग का अमला भी पहुंच गया। यहां वन विभाग के अमले की देखरेख में भवानी का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम करने के बाद चिड़ियाघर के अंदर ही भवानी के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी की गईं। भवानी के शव को चिता पर रखने के बाद भवानी के नाखून और दांत को भी चेक किया गया। इसके बाद भवानी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    1 साल पहले मीरा ने दिया था भवानी को जन्म

    1 साल पहले मीरा ने दिया था भवानी को जन्म

    1 साल पहले ही मीरा ने भवानी को जन्म दिया था। सितंबर 2021 में भवानी ने ग्वालियर चिड़िया घर में ही आंखें खोली थीं। 1 साल तक मीरा के साथ भवानी रही। भवानी के गर्दन में परेशानी थी और भवानी बीमार रहती थी। डॉक्टर ने भवानी का उपचार भी किया था भवानी की गर्दन थोड़ी टेड़ी भी थी। डॉक्टरों को उम्मीद थी कि समय के साथ भवानी की गर्दन दुरुस्त हो जाएगी लेकिन भवानी की मां ने भवानी की जान ले ली।

    नई दिल्ली से मीरा को लाया गया था ग्वालियर

    नई दिल्ली से मीरा को लाया गया था ग्वालियर

    वाइट टाइगर मादा मीरा को साल 2010 में दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क से ग्वालियर के चिड़ियाघर में लाया गया था। तब से मेरा यहां रह रही है। मीरा ने 1 साल पहले भवानी के साथ एक अन्य शावक को भी जन्म दिया था। भवानी का रंग सफेद था जबकि दूसरे श्रावक का रंग पीला था फिलहाल भवानी की मौत के बाद अब ग्वालियर के चिड़ियाघर में वाइट टाइगर की संख्या 5 रह गई है।

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