राष्ट्रपति के पद को लैंगिक तटस्थ करने के लिए कांग्रेस नेता ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र

कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया ने राष्ट्रपति के पद को लैंगिक तटस्थ करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को लिखा पत्र

ग्वालियर, 31 जुलाई। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद अब राष्ट्रपति के पद को लैंगिक तटस्थ करने की मांग उठने लगी है। यह मांग करने वाले भी कांग्रेस नेता ही हैं, जिन्होंने एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति के पद को लैंगिक तटस्थ करने की मांग कर डाली है। कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया ने यह मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम पत्र भी लिख दिया है।

devashish jarariya

अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी के बाद हुआ था बवाल
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति के पद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की उस टिप्पणी के बाद बवाल मचना शुरू हो गया था। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर जुबानी हमला करना शुरू कर दिए थे और इस पूरे बवाल में सोनिया गांधी को भी घसीटा जाने लगा था। विवाद बढ़ने लगा तो अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान पर माफी भी मांग ली थी।

अब कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया ने उठाई अलग तरह की मांग
अधीर रंजन चौधरी ने तो अपने द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर माफी मांग ली है लेकिन अब एक अन्य कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति के पद को लैंगिक तटस्थ करने की मांग कर दी है। यह कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया हैं, जो भिंड से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता हैं। देवाशीष जरारिया ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में यह मांग की है कि राष्ट्रपति पद को लैंगिक तटस्थ किया जाए।

देवाशीष जरारिया ने पत्र में लिखी कई बातें
कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया ने पत्र में लिखा है कि आपके भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति और देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने से पूरा देश गौरवान्वित है। आपका कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा और करोड़ों दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, गरीबों के लिए प्रेरणा बनेगा। साथी देवाशीष जरारिया ने लिखा है कि देश में आप को संबोधित करने को लेकर जो विवाद की स्थिति बनी है वह बेहद निराशाजनक है। उन्होंने अधीर रंजन चौधरी का नाम लेते हुए लिखा है कि उनके संबोधन के दौरान लैंगिक त्रुटि हुई है। जिसके लिए उन्होंने तुरंत माफी मांग ली।

राष्ट्रपति पद को लैंगिक तटस्थ करने की लिखी बात
देवाशीष जरारिया ने पत्र में लिखा कि भारत के एक आम नागरिक होने के नाते आपसे निवेदन करता हूं कि इस विषय को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति शब्द को लैंगिक तटस्थ करने की आवश्यकता है। उन्होंने कुछ उदाहरण देते हुए बताया है कि जब कोई पद लैंगिकता प्रदर्शित कर रहा हो तो उसे लैंगिक तटस्थ शब्द से बदल दिया गया है। उन्होंने अंग्रेजी में चेयरमैन शब्द के स्थान पर चेयरपर्सन का इस्तेमाल किए जाने की बात लिखी है, इसके अलावा बैट्समेन के स्थान पर बेटर शब्द का इस्तेमाल किए जाने की बात भी लिखी है। अंत में उन्होंने राष्ट्रपति शब्द को किसी लैंगिक तटस्थ शब्द से बदलने की विनम्र अपील करते हुए इस पर विचार करने की बात लिखी है।

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