Gwalior News: डबरा में इमरती देवी की बढ़ सकती है मुश्किल, नामांकन एफिडेविट में दर्ज अपराध छुपाने की शिकायत
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
Gwalior News: ग्वालियर चम्बल की सबसे चर्चित नेता इमरती देवी के एक बार फिर बड़ी मुश्किल में फंस गई है। ग्वालियर जिले की डबरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी की भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत की गई है।शिकायत में कहा गया है कि भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी ने अपना अपराधिक रिकार्ड छिपाया है,उन पर सात अपराध दर्ज हैं।
आरोप है कि वे शपथ पत्र में अपराधों को लगातार छुपाती रहीं है इस बार भी उन्होंने यही किया है। खास बात ये है कि जिला जिला निर्वाचन अधिकारी उनके नामांकन को वैद्य घोषित कर चुके है । अब उनका नामांकन रद्द कर उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है।

शिकायतकर्ता संकेत साहू ने अपनी शिकायत में कहा है कि इमरती देवी पत्नी पूरन सिंह निवासी चीनोर रोड डबरा ने जानबूझकर अपराधिक प्रकरण एवं तथ्य छिपाकर फार्म भरने व सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांतों का उल्लंधन किया है। उनका आरोप है किइमरती देवी पर डबरा शहर के थाने में अपराध क्रं 633 वर्ष 2007 इसमें धारा 353, 186,427 और 147 हैं। अपराध क्रं 634 धारा 341, व 145, अपराध क्रं 653 धारा 420,467,471,201,120बी, अपराध क्रं 668 धारा 500, 506 ,अपराध क्रं 602 धारा 341,147, अपराध क्रं 817 धारा 188 व धारा तीन लोक संपत्ति नुकसान व निवारण विरूपण अधिनियम 1984 के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
शिकायतकर्ता संकेत साहू का कहना 2008 से छिपा रही है अपराध
शिकायतकर्ता संकेत साहू का कहना है कि इमरती देवी ने 2008 के चुनाव में भी नामांकन फार्म में अपराध छिपाए थे और इसके बाद वाले चुनाव में भी यही किया। लोक प्रतिनधित्व अधिनियम की धारा 125 ए के तहत शपथ पत्र में तथ्य छिपाकर झूठी जानकारी देना अपराध है। इसके साथ ही रिवाल्वर की कीमत नामांकन पत्र में कम दर्शाने और शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट न उपलब्ध कराने पर भी आपत्ति की गई है।
रिटर्निंग ऑफिसर ने दिया यह जवाब
उधर डबरा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी मुनीष सिकरवार का कहना है कि अभिभाषक द्वारा एक शिकायत शपथ पत्र के द्वारा की गई है जिसमे कहा गया है कि प्रत्याशी द्वारा शपथ पत्र में पूर्ण जानकारी नही दी गई है । चूंकि नामांकन की संवीक्षा दो दिन पहले ही हो चुकी है । उस समय कोई आपत्ति पेश नही होने पर उनका नामांकन वैद्य पाया जा चुका है इसलिए अब आरओ इस शिकायत पर कोई विचार नही कर सकता ।
प्रेक्षक से भी की शिकायत
आवेदक संकेत साहू का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत तथ्यों के साथ निर्वाचन आयोग भी की है। उन्होंने कार्यवाही का भी दिया है। लेकिन कार्यवाही तत्काल होनी चाहिए लेकिन ऐसा नही हो वे अन्य प्लेटफार्म पर भी शिकायत करने जा रहे हैं।












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