3 साल तक महिला शिक्षक ने सम्मान के लिए किया संघर्ष, सुप्रीम कोर्ट से कराया मामला दर्ज
ग्वालियर के एलएनआईपीई की योगा टीचर के साथ तीन साल पहुले कुलपति दिलीप दुरेहा द्वारा की गई छेड़खानी के मामले में लंबे संघर्ष के बाद योगा टीचर की हुई सुनवाई, पूर्व कुलपति समेत 5 लोगों पर गोला का मंदिर थाने में मामला दर्ज
ग्वालियर, 31 अगस्त। ग्वालियर के एलएनआईपीई की योगा टीचर के साथ कुलपति द्वारा की गई छेड़खानी के मामले में योगा टीचर ने 3 साल तक कड़ा संघर्ष किया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से पूर्व कुलपति समेत पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई। 3 साल के संघर्ष में योगा टीचर को कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा लेकिन योगा टीचर ने हार नहीं मानी। योगा टीचर के मजबूत दृढ़ संकल्प और जज्बे की वजह से योगा टीचर को 3 साल बाद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करवाने सफलता मिल सकी।

एलएनआईपीई में हुई थी योगा टीचर के साथ छेड़खानी
बात साल 2019 की है जब एलएनआईपीई में एक महिला योगा टीचर के साथ छेड़खानी हुई थी। अपने साथ हुई छेड़खानी का आरोप महिला टीचर ने एनएनआईपीई के कुलपति दिलीप दुरेहा पर लगाया था। योगा टीचर ने बताया बताया था कि जब योगा की जब वह योगा क्लास लेने के लिए जा रही थीं तो कुलपति ने उनका रास्ता रोककर उनसे छेड़खानी की इसके साथ ही अश्लील बातें भी की।

पीड़ित शिक्षिका ने प्रबंधन में की शिकायत तो नहीं मिला न्याय
छेड़खानी का शिकार हुई शिक्षिका ने इस बात की शिकायत प्रबंधन में की। जांच के लिए एक कमेटी भी गठित की गई और जांच भी हुई लेकिन जांच में कुलपति को निर्दोष बता दिया गया। कुलपति को निर्दोष बताने के बावजूद योगा टीचर ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने कुलपति की शिकायत गोला का मंदिर थाने में की। कुलपति के रसूख की वजह से गोला का मंदिर थाने में भी योगा टीचर की कोई सुनवाई नहीं हो सकी।

शिकायत की सुनवाई नहीं होने पर ली कोर्ट की शरण
पीड़ित योगा टीचर ने थाने में सुनवाई नहीं होने पर समाधान हेल्पलाइन में भी इसकी शिकायत की लेकिन वहां पर भी कुलपति का रसूख काम कर गया और योगा टीचर की शिकायत नहीं सुनी गई। चारों तरफ से घिर चुकी योगा टीचर ने हार नहीं मानी और उन्होंने आखिरकार कोर्ट की शरण ली।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए एफआईआर के आदेश
मामला ग्वालियर कोर्ट से हाईकोर्ट और फिर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया लेकिन पीड़िता पीछे हटने को तैयार नहीं थी। लगातार 3 साल तक संघर्ष करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कुलपति समेत पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए। जिसके बाद गोला का मंदिर थाना पुलिस ने कुलपति दिलीप दुरेहा समेत उनका सहयोग करने वाले एलएनआईपीई के चार अन्य प्रोफेसर और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

छेड़खानी का मामला दर्ज करवाने के लिए 3 साल इंतजार
छेड़खानी और रेप जैसे मामलों में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस को जहां तुरंत एफआईआर दर्ज करना चाहिए वहीं योगा टीचर को छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 3 साल तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा। तमाम बदनामी झेलनी पड़ी लेकिन पीड़िता ने हार नहीं मानी और आखिरकार तमाम विपत्तियों और संघर्षों के बाद अपने सम्मान की जंग जीती और आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करवाई।












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