ग्वालियर में बीजेपी से नाराज नेताजी पार्षद बनते ही कांग्रेस में हुए शामिल
ग्वालियर में बीजेपी से बगावत करके पार्षद बनी सुनीता अरुण कुशवाह कांग्रेस में शामिल
ग्वालियर, 2 अगस्त। देश के अलग-अलग राज्यों में जहां बीजेपी दूसरे दलों पर हावी नजर आती है, जोड़-तोड़ की राजनीति में सबसे आगे नजर आती है, विपक्ष की सरकार गिराना और खुद की सरकार बनाने में बीजेपी खुद को जहां इस खेल का खिलाड़ी मानती है, वहीं इन दिनों ग्वालियर में बीजेपी की हालत काफी खराब है और कांग्रेस ग्वालियर में बीजेपी पर हावी होती जा रही है।

बीजेपी के बागी नेताजी पार्षद बनने के बाद कांग्रेस में हुए शामिल
ग्वालियर में बीजेपी की हालत इतनी खराब है कि जो नेताजी बीजेपी से बागी हो गए उन्हें बीजेपी अपने खेमे में वापस नहीं ला सकी। उन नेताओं को कांग्रेस ने अपने खेमे में शामिल कर लिया। बीजेपी से बगावत करके वार्ड 33 से चुनाव जीतने वाली सुनीता अरुण कुशवाहा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
टिकट वितरण के समय बीजेपी से कर दी थी बगावत
बीजेपी नेता अरुण कुशवाहा ने बीजेपी पार्टी से पार्षद का टिकट मांगा था लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसी बात से नाराज होकर अरुण कुशवाहा ने पार्टी से बगावत कर दी और अपनी पत्नी सुनीता को वार्ड 33 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतार दिया। खास बात यह रही कि सुनीता चुनाव भी जीत गई। इस तरह बीजेपी से बगावत करके सुनीता अरुण कुशवाह वार्ड 33 से निर्दलीय पार्षद चुन ली गई।
बीजेपी अपने ही नेता को नहीं ला सकी पार्टी में वापस
बीजेपी भले ही जोड़-तोड़ की राजनीति करते हुए विपक्षी दलों के विधायकों और सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल करने का हुनर रखते हो, लेकिन उनकी ही पार्टी से बगावत करके पार्षद बनी सुनीता अरुण कुशवाहा को बीजेपी पार्टी वापस अपने खेमे में नहीं बुला सकी। इसका फायदा कांग्रेस ने उठाया और कांग्रेस ने सुनीता अरुण कुशवाहा को अपने खेमे में शामिल कर लिया।
विधायक सतीश सिंह सिकरवार के कार्यालय पर सुनीता अरुण कुशवाहा ने ली कांग्रेस की सदस्यता
कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार के कार्यालय पर मंगलवार को एक कार्यक्रम आयोजित करके सुनीता अरुण कुशवाहा ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली। विधायक सतीश सिंह सिकरवार की पत्नी और वर्तमान में ग्वालियर नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर शोभा सिकरवार ने सुनीता अरुण कुशवाहा को कांग्रेस की सदस्यता दिलवाई। इस तरह कांग्रेस के खेमे में एक पार्षद की बढ़ोतरी हो गई।
अपने पार्षदों को कांग्रेस में जाने से बचाने के लिए बीजेपी ने भेजा दिल्ली
ग्वालियर में कांग्रेस से बीजेपी इतनी डरी हुई है कि वह अपने पार्षदों को कांग्रेस से बचाने के लिए इधर-उधर लेकर भागती नजर आ रही है। मंगलवार को बीजेपी ने अपने सभी 34 विजई पार्षदों को एक बस में सवार करके दिल्ली के लिए रवाना कर दिया। बीजेपी को डर है कि कहीं उनके पार्षद उनके दल को छोड़कर कांग्रेस में शामिल ना हो जाएं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब बीजेपी कांग्रेस पार्टी के सामने इतनी कमजोर नजर आ रही है।












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