MP News: ग्वालियर किले में जैन तीर्थंकर प्रतिमाओं पर रील बनाकर अभद्रता, महिला और साथियों पर कार्रवाई की मांग
MP News gwalior: मध्य प्रदेश के ग्वालियर किले में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला और उसके साथियों ने जैन तीर्थंकर की प्राचीन प्रतिमाओं पर बैठकर अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए रील बनाई।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। समाज ने इस कृत्य को धार्मिक भावनाओं का अपमान मानते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

वायरल वीडियो में अभद्रता, जैन तीर्थंकर की प्रतिमाओं पर बैठकर अपशब्द कहना
जानकारी के अनुसार, ग्वालियर किला के तलहटी में प्राचीन जैन तीर्थंकर की प्रतिमाएं स्थित हैं। जहां शिवपुरी जिले के नरवर गांव की रहने वाली प्रीति कुशवाह नामक महिला ने अपने साथियों के साथ एक वीडियो रील बनाई। इस रील में महिला और उसके साथियों ने जैन तीर्थंकर की प्रतिमाओं के सामने खड़े होकर अभद्र भाषा का उपयोग किया और जूते-चप्पल पहनकर इन प्रतिमाओं पर बैठे। वीडियो में महिला ने इन प्रतिमाओं के बारे में अपशब्द कहे और उन्हें "पत्थर के पुतले" बताया। इसके बाद महिला ने और भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जैन समाज के लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया। उन्होंने इस कृत्य को धार्मिक आस्था का अपमान करार देते हुए ग्वालियर पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जैन समाज का गुस्सा, कड़ी कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय श्री दिगंबर जैन बरैया महासभा ने इस मामले में एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर महिला और उसके साथियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाज के लोग महिला और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं और उनके जल्द गिरफ्तारी की बात कह रहे हैं।
महिला का वीडियो सामने आने के बाद जैन समाज के सदस्य गुस्से में हैं और इसे केवल एक सामान्य शरारत नहीं, बल्कि एक गंभीर धार्मिक अपमान मान रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई: मामले की जांच जारी
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि पुलिस वीडियो का विश्लेषण कर रही है और इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मुनि श्री विलोक सागर का बयान, कड़ी सजा होनी चाहिए
धार्मिक गुरु मुनि श्री विलोक सागर जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी इस तरह की हरकत करेगा, वह गलत है। उन्होंने कहा, "यह आस्था का विषय है। दिगंबर जैन प्रतिमाएं हमारे पूर्वजों की धरोहर हैं। अगर इन प्रतिमाओं में कोई क्षति आती है, तो भी उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि समाज को इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए समझदारी और आस्था का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह के अपराध की सोच भी न सके।
समाज का आक्रोश, क्या है अगला कदम?
यह मामला अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "अगर कोई व्यक्ति किसी की आस्था का अपमान करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी और को ऐसा करने का साहस न हो।"
दूसरी तरफ, ग्वालियर किले पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ अधिक रहती है, और ऐसे मामलों से किले की शांति भंग हो सकती है। जैन समाज ने यह भी कहा है कि धार्मिक स्थलों को सम्मान देना चाहिए और इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए वहां सख्त सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
क्या यह कृत्य सजा का हकदार है?
इस मामले ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या इस तरह के अपराधों के लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जैन समाज के लोग यह चाहते हैं कि इस कृत्य को गंभीरता से लिया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्वालियर किले की प्रतिष्ठा पर सवाल
ग्वालियर किला न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि यह जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी है। इस तरह की घटनाओं से किले की प्रतिष्ठा और धार्मिक स्थलों की पवित्रता पर सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है, और यह देखना होगा कि महिला और उसके साथियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।












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