उमर-कपिल का करारा बयान, अल्पसंख्यकों पर हमले के जिम्मेदार मोदी,

आईजीपी :कानून-व्यवस्था: एस एन सिंह के मुताबिक बक्सा जिले के सलबरी इलाके और मुशलपुर, तामुलपुर में कर्फ्यू रहेगा, ताकि आगे हिंसा को रोका जा सके।
उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने पुलिस से कहा कि इस मामले में शामिल उग्रवादियों को पकड़ा जाए तथा स्थिति को काबू में लाया जाए।
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पुलिस ने कहा कि एके-47 राइफलों से लैस एनडीएफबी-सांगबिजित के 20 से 25 उग्रवादियों के एक समूह ने कल देर रात के बाद कोकराझार के बालापाड़ा-1 गांव में तीन घरों पर धावा बोल दिया और अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें मौके पर ही सात लोगों की मौत हो गयी थी।
पुलिस महानिरीक्षक एल आर बिश्नोई ने पीटीआई को बताया कि सात मतकों में अल्पसंख्यक समुदाय के दो बच्चों और चार महिलाएं शामिल हैं। बिश्नोई ने बताया कि हमले में मारे गये तीन साल के एक और बच्चों का शव बाद में आज सुबह इलाके से मिला। 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
पीड़ितों के परिजनों के अनुसार उग्रवादियों ने एक के बाद दूसरे घर में हमला किया और अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे दहशत का माहौल बन गया। इससे पहले कल रात भी एनडीएफबी-एस के उग्रवादियों ने पड़ोसी बकसा जिले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को मार दिया था। उनके हमले में एक नवजात जख्मी हो गया था।
पुलिस के अनुसार उग्रवादियों का एक समूह कल रात आनंदा बाजार इलाके के पास एक घर में घुस गया और अंधाधुंध गोलीबारी की। कल इसी जिले के निजदेफेली में दो संदिग्ध उग्रवादियों ने बिपिन बोरो नामक शख्स के घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्हें गंभीर हालत में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वार्ता-विरोधी उल्फा-इंडिपेंडेंट के सहायक प्रचार सचिव अरण उदय असम ने पीटीआई को भेजे एक ईमेल में हिंसा की निंदा की है। इस बीच ऑल माइनोरिटी स्टूडेंटस यूनियन :आमसू:, ऑल बोडो माइनोरिटी स्टूडेंटस यूनियन :एबीएमएसयू: और कई अन्य संगठनों ने इन घटनाओं की निंदा की है और लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है।
अल्पसंख्यक छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री तरण गोगोई पर बीटीएडी इलाके में कानून व्यवस्था नहीं बनाये रखने का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की। इस क्षेत्र में कोकराक्षाड़, बक्शा , उदलगुड़ी और चिरांग जिले आते हैं।
स्थानीय बोडो राजनीतिक दलों ने बीपीएफ नेता और पूर्व उग्रवादी हाग्राम मोहिलारी की अगुवाई वाले बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद :बीटीसी: के प्रशासन पर राज्य में कानून व्यवस्था नहीं बना पाने का आरोप लगाया है। जुलाई, 2012 में स्थानीय बोडो समुदाय और बांग्लादेशी अल्पंसख्यक समुदाय के लोगों के बीच हिंसा में करीब 80 लोगों की मौत हो गयी थी।












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