हिंदू से मुस्लिम बनी लड़कियों को लेकर गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Recommended Video

नई दिल्लीः गुजरात हाई कोर्ट ने 27 सिंतबर को इतिहासिक फैसला सुनाया है, इस फैसले के बाद धर्म बदलकर मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने वाली हिन्दू लड़की को उसके पिता की पैतृक संपत्ति से अधिकार दिया जाएगा। गुजरात हाई कोर्ट ने फैसला नसीमबानो फिरोजखान पठान (उर्फ नैनाबेन भीखाभाई पटेल) की याचिका के बाद सुनाया है।


कोर्ट ने सुनाया इतिहासिक फैसला
केस की सुनवाई करते हुए न्यायधीश जेबी पर्दीवाला ने आदेश दिया कि 'हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम' के तहत बेटी का पिता की पैतृक संपत्ति में हिस्सा होगा। कोर्ट ने साफ किया कानून में धर्म बदलने पर वारिश को पैतृक संपत्ति से वंचित रखने का कोई प्रवधान नहीं है। ये केवल धर्म बदलकर शादी करने वालों के बच्चों को उनके हिन्दू रिश्तेदारों की संपत्ति के उत्तराधिकार लेने से वंचित करता है।'

घर वालों ने नहीं माना था वारिश
कोर्ट ने आदेश देते हुए गुजरात राजस्व विभाग को आदेश दिया है कि महिला के उसके पिता के उत्तराधिकारियों में उसका नाम शामिल किया जाए। बता दें, इससे पहले अधिकारियों ने महिलाओं का नाम हटाकर कहा था कि वो मुसलाम बन चुकी है, जिसकी वजह से वो अपने पिता की संपत्ति की वारिश नहीं बन सकती।

कर ली थी मुस्लिम से शादी
गुजरात के वडोदरा की रहने वाली नसीमबानो फिरोजखान पठान (उर्फ नैनाबेन भीखाभाई पटेल) ने फिरोज खान से 11 जुलाई 1990 को शादी की और वो मुसलमान बन गई। करीब 14 साल के बाद उसके पिता का साल 2004 में निधन हो गया। सीमबानो फिरोजखान पठान (उर्फ नैनाबेन भीखाभाई पटेल) के पिता की गांव में काफी जमीन थी, लेकिन उसके भाई-बहनों ने उसका वारिसों की सूची से नाम निकाल दिया था।












Click it and Unblock the Notifications