Vadgam Result: वडगाम में जीते कांग्रेस उम्मीदवार जिग्नेश मेवाणी, BJP के मणिभाई हारे
Vadgam Election Results: गुजरात की वडगाम विधानसभा सीट पर काटे की टक्कर थी। वडगाम से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे जिग्नेश मेवाणी भाजपा के नेता मणिभाई वाघेला से चुनाव जीत गए हैं।

Gujarat Vadgam Election Results 2022: गुजरात विधानसभा चुनावों की 182 सीटों के लिए वोटों की गिनती खत्म हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 150 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है। गुजरात की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक वडगाम विधानसभा सीट पर ताजा रुझानों से पता चलता है कांग्रेस के जिग्नेश मेवाणी ने भारतीय जनता पार्टी के मणिभाई वाघेला को हरा दिया है। जिग्नेश मेवाणी फिर से वडगाम सीट से जीत गए हैं। जिग्नेश मेवाणी फिलहाल वडगाम से विधायक हैं। 42 वर्षीय दलित नेता जिग्नेश मेवाणी 2017 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़कर यहां से जीता था।
देखिए चुनाव आयोग के आंकड़ो
-चुनाव आयोग के ताजा रुझानों के मुताबिक ( 4.20 बजे तक) जिग्नेश मेवाणी 78845 वोट पाकर आगे चल रहे हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार मणिभाई वाघेला 75005 वोट पाकर पीछे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी दलपत भाटिया को 3924 वोट मिले हैं।
-चुनाव आयोग के ताजा रुझानों के मुताबिक ( 03:00 बजे तक) जिग्नेश मेवाणी 61703 वोट पाकर आगे चल रहे हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार मणिभाई वाघेला 57625 वोट पाकर लगभग 4 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी दलपत भाटिया को 3583 वोट मिले हैं।
-चुनाव आयोग के ताजा रुझानों के मुताबिक (1.30 बजे तक) जिग्नेश मेवाणी 36901 वोट पाकर पीछे चल रहे हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार मणिभाई वाघेला 38093 वोट पाकर लगभग 2 वोटों से आगे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी दलपत भाटिया को 2767 वोट मिले हैं।
जानिए जिग्नेश मेवाणी के बारे में?
जिग्नेश मेवाणी का पूरा नाम जिग्नेशकुमार नटवरलाल मेवाणी है। जिग्नेश मेवाणी बीजेपी के कट्टर आलोचक हैं। मेवाणी उन तीन निर्दलीय उम्मीदवारों में शामिल थे, जिन्होंने 2017 में गुजरात में जीत हासिल की थी। उन्हें कांग्रेस और आप का समर्थन मिला था। कांग्रेस और आप ने 2017 में जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं खड़ा किया था।
मई में 2017 में जिग्नेश मेवाणी को "आजादी मार्च" निकालने के लिए तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। यह रैली ऊना दलितों को पीटने की घटना के एक साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई थी। यह घटना उस समय की है जब गुजरात के ऊना में एक मरी हुई गाय की खाल उतारने के लिए सात दलितों को 'गौ रक्षकों' द्वारा पीटा गया था, जिसके वीडियो वायरल होने के बाद विवाद हो गया था।












Click it and Unblock the Notifications