कोरोना वॉरियर: घर से 130 KM दूर जाकर पाकिस्तान बॉर्डर पर सर्वे कर रही है यह बेटी

अहमदाबाद। वैश्विक महामारी के इन ​दिनों कोरोना वॉरियर्स की कहानियां हमें कोरोना वायरस से लड़ने की हिम्मत दे रही हैं। ये कोरोना वॉरियर्स खुद की जिंदगी को खतरे में डालकर निरंतर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आज गुजरात से ऐसी ही एक और कहानी पढ़िए। यहां पालनपुर तहसील के वासण(धा) गांव की भारती बेन 2 महीने से अपनी फैमिली से दूर होकर पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक ड्यूटी कर रही हैं। वहां भारती बेन सीमावर्ती इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे करती हैं।

this gujarati girl became Corona warriors on Pakistani border

भारती बेन बताती हैं कि, ''अभी मैं बनासकांठा जिले में संक्रमण को रोकने का प्रयास कर रही हूं। यहां सामाजिक संस्थाओं की अनेक बेटियां अपने घर से दूर रहकर ड्यूटी पर डटी हुई हैं। मैं भी अपने घर से 130 किलोमीटर दूर हूं और इन पाकिस्तानी सीमा पर जाकर चिलचिलाती गर्मी में भी ड्यूटी कर रही हूं।'' उन्होंने कहा कि, जिला प्रशासन-पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस-108, 181 समेत जैसी संस्थाएं आपसी तालमेल से महामारी को हराने में लगी हुई हैं।

बकौल भारती बेन, ''मेरे पिता का हार्निया का ऑपरेशन चल रहा था, तभी मैं घर से नौकरी के लिए निकल गई। इसके बाद देखा कि कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू हो गया। तो फिर मैं यहीं रह गई। दो महीने से घर नहीं जा पाई हूं। हम इस गर्मी में घर-घर जाकर लोगों से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत करते हैं। यह सच है कि, कोरोना बड़ा खतरनाक रोग है।'

''इन दिनों मुझे भी अपने घर की याद आती है, पर मां भारती की सेवा मेरा पहला कर्तव्य है। इसलिए, इस तेज गर्मी में भी मैं सूईगाम तहसील के ममाणा गांव में ड्यूटी कर रही हूं।'

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