दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा अब CISF के हवाले, आज से 270 जवान दिन-रात यहां रहेंगे, गृहमंत्री शाह ने दी मंजूरी
अहमदाबाद। गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अहम फैसला लिया गया है। 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की सुरक्षा कमान अब सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के हाथों में होगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी अनुमति दे दी है।

आज से CISF के हवाले पटेल प्रतिमा
आज (17 अगस्त) से सीआईएसएफ के जवानों को यहां तैनात किया जा रहा है। 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के ज्वॉइंट सीईओ निलेश दुबे ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। गृहमंत्री अमित शाह और गृह मंत्रालय ने यहां सीआईएसएफ के डिप्लॉयमेंट को मंजूरी दी है। जिसके तहत अब से सीआईएसएफ के 270 जवान यहां तैनात किए गए हैं।

2 सितंबर को टूरिस्ट्स के लिए खुल सकती है
कोरोना संकट के कम होने पर आगामी 2 सितंबर से 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का कैंपस आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। बता दें कि, भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री व प्रथम गृहमंत्री वल्लभभाई सरदार पटेल की यह प्रतिमा मार्च के महीने से ही पर्यटकों के लिए बंद है। यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जिसे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' कहा जाता है।

2 साल पूरे होने पर आ सकते हैं मोदी
सरदार पटेल की इस प्रतिमा का उद्दघाटन 2018 में हुआ था। अब आगामी 31 अक्टूबर को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं, सरदार सरोवर डैम की सुरक्षा के लिए भी एसआरपी के जवान तैनात करने का भी फैसला लिया गया है। ये दोनों ऐसे स्थल हैं, जिन पर हमले का खतरा ज्यादा रहता है। ये दुनिया के सबसे अद्भुत स्थलों में से एक हैं।

अभी तक एसआरपी के हाथों में थी सुरक्षा
'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की सुरक्षा कमान अभी तक एसआरपी के जवान और नर्मदा पुलिस स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के हाथों में थी। मगर, यह सुरक्षा नाकाफी थी। देश में इसके जैसे अहम स्थलों की सुरक्षा के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) गठित हुआ था। अब उसे ही बागडोर सौंप दी गई है। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए ही यहां 270 सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती की जा रही है।












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