गुजरात में कांग्रेस नेतृत्व नहीं रहा, यहां ये खत्म हो गई, लोगों ने विपक्ष लायक भी नहीं समझा: रूपाणी
गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का कहना है कि, 'राज्य में कांग्रेस के पास नेतृत्व नहीं रहा। यहां कांग्रेस खुद खत्म हो गई है। लोग उन्हें विपक्ष होने के लायक भी नहीं समझते। रूपाणी ने कहा कि, एक ही दल को सत्ता में रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि, जनता है कांग्रेस को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।' मुख्यमंत्री रूपाणी ने यह बात हाल ही आए गुजरात के 6 महानगर पालिका (मनपा) चुनावों में मिली जीत के बाद कही है।

सूरत: कांग्रेस दूसरे से तीसरे नंबर पर खिसकी
मुख्यमंत्री रूपाणी और प्रदेश भाजपाध्यक्ष सीआर पाटिल की अगुवाई में सत्तारूढ़ भाजपा ने यहां फिर से सभी 6 महानगर पालिकाओं (मनपा) का चुनाव जीता। जिनमें अहमदाबाद महानगर पालिका, सूरत, राजकोट, वडोदरा, जामनगर और भावनगर शामिल हैं। भाजपा ने इन शहरो में 483 यानी 85% और कांग्रेस ने 46 यानी 8% सीटें जीत लीं। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की इस बार करारी हार हुई। जिसकी बड़ी वजह अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) और असदुद्दीन ओवैसी वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का गुजरात में चुनाव लड़ना रही। ये दोनों दल यहां पहली बार नगर निगम का चुनाव लड़ने आए और अच्छा प्रदर्शन किया।

आप को 27 सीटें, पहली बार में ही चौंकाया
कई जिलों में तो कांग्रेस नगर सेवकों के मामले में दहाई अंक तक भी न पहुंच सकी। कांग्रेस को सूरत में जबर्दस्त झटका लगा। जहां पाटीदार कार्ड खेलने के बावजूद सूरत महानगर पालिका से पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। सूरत की 120 सीटों में से भाजपा ने 97 जीतीं। वहीं, 27 सीटें जीतकर 'आप' ने गुजरात में अपनी एंट्री दर्ज कराई। इसी वजह से कांग्रेस दूसरे से तीसरे नंबर पर खिसक गई।

कुल 2,276 उम्मीदवार थे
राज्य के 6 नगर निगमों में इस बार कुल 2,276 उम्मीदवार चुनाव लड़ने को खड़े हुए थे। जिनमें सबसे ज्यादा उम्मीदवार भाजपा ने उतारे थे। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस इलेक्शन को ज्यादा अहमियत दी थी। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अलावा केंद्रीय मंत्रियों ने भी प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। वहीं, आप और एआईएमआईएम के नेताओं ने भी कई जगह सभाएं की थीं। मनीष सिसौदिया दिल्ली से रोड शो करने आए थे।

दल और उनके उम्मीदवार
भाजपा- 577
कांग्रेस- 566
आप- 470
राकांपा- 91
अन्य पार्टियां- 353
निर्दलीय- 228












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