गुजरात बजट 2020-21: पिछली बार के मुकाबले 12472 करोड़ बढ़े, यह नितिन पटेल का 8वां बजट
गांधीनगर. गुजरात में वित्त मंत्री नितिन पटेल द्वारा वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया गया।विधानसभा में लाया गया यह नितिन पटेल का 8वां पूर्ण बजट था। इसी के साथ नितिन पटेल गुजरात विधानसभा में पूर्व वित्त मंत्री वजुभाई के बाद सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाले दूसरे वित्तमंत्री बन गए। पूर्व वित्त मंत्री वजुभाई ने अपने समय में 18 बार बजट पेश किया था। वित्त मंत्री होने के साथ ही नितिन पटेल डिप्टी सीएम भी हैं। वर्ष 2020-21 के लिए उन्होंने बुधवार को 2.17 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम का बजट पेश किया।

गुजरात में इस बार 2.17 लाख करोड़ का बजट
राज्य विधानसभा में सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री नितिन पटेल ने बताया कि, 275.27 करोड़ के अधिशेष वाला इस बार का बजट पिछली बार के बजट से 12472 करोड़ रुपए ज्यादा है। उन्होंने नए बजट में किसानों, श्रमिकों व स्कूली बच्चों पर विशेष ध्यान दिया। कई लोक-लुभावन घोषणाएं कीं। उन्होंने कृषि, किसानों और सहकारिता के लिए 7423 करोड़ का प्रावधान किया। बंदरगाह परिवहन के लिए 1397 करोड़ और जल आपूर्ति के 4317 करोड़ रुपए का ऐलान किया।
साढ़े 10 हजार धार्मिक स्थलों के लिए यह घोषणा की
पटेल ने घोषणा की कि, विभिन्न धर्मों के धार्मिक स्थलों- मंदिरों, मस्जिदों, चर्च, गुरुद्वारों, देरासरों, अगियारी के साथ-साथ देरी, समाधि, श्मशनगृह, दरगाह, कब्रस्तान में लिए जाने वाले बिजली शुल्क को 25 फीसदी से घटाकर ग्रामीण इलाकों में साढ़े 7% और शहरी इलाकों में 15% किया गया है। मालूम हो कि, राज्य सरकार को धार्मिक स्थलों के संतों की ओर से लगातार इन स्थलों पर बिजली कर में कटौती के लिए गुहार लगाई जाती रही थी। ऐसे में वित्तमंत्री ने यह फैसला लिकया। इसका फायदा राज्य में मौजूद करीब साढ़े 10 हजार धार्मिक स्थलों को होगा।
धर्मशालाओं का भी बिजली टैक्स कम किया
सरकार ने राज्य में मौजूद धर्मशालाओं को लेकर भी अहम घोषणा की। उन्होंने धर्मशालाओं में वर्तमान के 25 फीसदी विद्युत टैक्स को घटाकर 10 से 15 फीसदी कर दिया है। इससे राज्य भर में 815 धर्मशालाओं को इसका लाभ मिलेगा।












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