Morbi Bridge Collapse: ओरेवा ग्रुप के MD जयसुख पटेल न्यायिक हिरासत में भेजे गए
ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी कर दिया।

ओरेवा ग्रुप के प्रबंध निदेशक (MD) जयसुख पटेल (Jaysukh Patel) को मोरबी ब्रिज हादसे के मामले में जेल भेज दिया गया। बुधवार को पुलिस ने उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड की समाप्ति पर मोरबी सत्र न्यायालय में पेश किया था। लेकिनइस बार पुलिस की ओर से जयसुख पटेल की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की गई। जिसके बाद आदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
जयसुख पटेल की फर्म ओरेवा समूह को मोरबी ब्रिज के रखरखाव और संचालना का जिम्मा दिया गया था। लेकिन 30 अक्टूबर, 2022 को ये पुल ढह गया। हादसा उस वक्त हुआ जब सैकड़ों की संख्या में लोग ब्रिज पर मौजूद था। इस हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई। मामले में मोरबी की सत्र अदालत ने बुधवार को ओरेवा समूह के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में कोर्ट ने में गुजरात पुलिस ने 27 जनवरी चार्जशीट दायर की थी। जिसमें कहा गया कि था मामले का एक अन्य आरोपी फरार है। मामले अदालत के समक्ष जयसुख पटेल ने 31 जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया था।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
मोरबी ब्रिज हादसे में ओरेवा ग्रुप के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल सहित सभी 10 आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 336 (मानव जीवन को खतरे में डालना), 337 (किसी को चोट पहुंचाना),और 338 (उतावलेपन या लापरवाही से कार्य करके गंभीर चोट पहुँचाना) के तहत आरोप लगाए गए हैं। मामले में जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) जयसुख पटेल की आगे की रिमांड नहीं मांगी। ऐसे में मजिस्ट्रेट खान ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
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