PM मोदी तीनों सेनाओं के टॉप कमांडरों को केवडिया में करेंगे संबोधित, CDS की भूमिका भी दिखेगी
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार, मार्च के पहले सप्ताह में केवडिया में होने जा रहे संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में तीनों सेनाओं के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करेंगे। केवडिया गुजरात में स्टैच्यू आॅफ यूनिटी वाला क्षेत्र है। जहां "संयुक्त कमांडरों (The Combined Commanders) की कॉन्फ्रेंस-2021" आयोजित होनी है। प्रधानमंत्री मोदी इसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गुजरात आएंगे।
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया कि, मोदी इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करेंगे और रक्षा बलों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दे सकते हैं। ऐसा भविष्य में पनपने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए होगा। मालूम हो कि, कमांडरों के सम्मेलन में तीनों सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ रैंक के अधिकारी और मुख्यालय से जुड़े एकीकृत रक्षा कर्मचारी, सामरिक बल कमान और पोर्ट ब्लेयर स्थित अंडमान और निकोबार कमान जैसे त्रि-स्तरीय संगठन शामिल होते हैं।

सीडीएस की भूमिका भी दिखेगी
केवडिया में आयोजित होने वाले सम्मेलन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की भागीदारी भी दिखाई देगी। सीडीएस का पद भाजपा सरकार के सत्ता में आने के उपरांत 2019 में बनाया गया था, जो बड़े सैन्य सुधारों में से एक था। सीडीएस के अलावा उपरोक्त कार्यक्रम के दौरान, थिएटर कमांड के निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति को लेकर भी प्रस्तुतियाँ दिए जाने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, रक्षा मंत्रालय देश में रक्षा बलों के पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम के रूप में वायु रक्षा कमान गठित कर सकता है।

लद्दाख में चीन से टकराव के बाद की तैयारी
लद्दाख क्षेत्र में हालिया चीनी अतिक्रमण व टकराव को देखते हुए सैन्य-पुनर्गठन पर भी प्रधानमंत्री मोदी को इस कार्यक्रम में आवश्यक जानकारी दी जाएगी। गौरतलब है कि, चीनी सेना द्वारा सिक्किम और आसपास के अन्य क्षेत्रों में यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया गया था, लेकिन भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने उन्हें नकुला में मुंह तोड़ जवाब दिया। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार चौहान ईस्टर्न कमांड के कमांडर हैं। उनकी भूमिका वहां काफी अहम है।

यह भी करेगा रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय की तीनों सेवाओं के तत्वों से युक्त क्षेत्र-विशिष्ट कमांड तैयार करने की योजना है, जिसमें थल-वायु , समुद्री व रसद रक्षा कमान संभाली जा सकेगी। पिछले समय जोधपुर में आयोजित संयुक्त कमांडर सम्मेलन में, सरकार ने रक्षा-साइबर एजेंसी और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी के गठन को भी मंजूरी दे दी थी। साइबर-स्पेस में प्रतिस्पर्धा हेतु बनाई गईं विभिन्न एजेंसियों की प्रगति पर भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी जा सकती है।

यहां अब तक कई बड़े कार्यक्रम हो चुके
केवडिया गुजरात का एक छोटा सा शहर है, जो सरदार वल्लभ भाई पटेल की उस विशालकाय मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है, जिसे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के नाम से भी जाना जाता है। केवडिया में अब तक कई बड़े सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। पिछले साल भी मोदी यहां आए थे। तब उन्होंने 17 परियोजनाओं का शिलान्यास किया था।












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