संपत्ति को अकेले हड़पने के लालच में बेटे ने अपनी मां को जीते-जी कागजातों में मृत घोषित कर दिया
जामनगर। संपत्ति को हड़पने के लालच में एक बेटे ने अपनी मां को जीते-जी कागजातों में मृत घोषित कर दिया। एक भाई और दो बहन होते हुए भी उसने खुद को पिता की इकलौती संतान बताते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। फिर, तहसील कार्यालय में जमीन के कागजातों में नाम दर्ज कराते समय उसके फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ। मामला पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे और उसके दो मददगारों को पकड़ा है।

यह घटना गुजरात के जामनगर जिले की कावालड तहसील के नानी नानागर गांव की है। जहां के निवासी रामजी गमारा (मुख्य आरोपी) और उसके दो अन्य साथी करणा गमारा और किशोर पारघी के विरुद्ध कावालड ग्रामीण थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बताया कि, सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। सभी का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है, उसके बाद जेल भेजा जाएगा। वहीं, मुख्य आरोपी ने जिस वकील के पास से दस्तावेज तैयार करवाए गए थे। उस वकील से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि, रामजी गमारा (मुख्य आरोपी) चार भाई-बहन हैं। उनकी मां रैयाबेन गमारा अभी जिंदा है, लेकिन गमारा ने बाकी भाई-बहनों की जमीन को अकेले कब्जाने के लिए मां कानूनी-कागजातों में मृत घोषित करा दिया। संपत्ति की संयुक्त मालिकी में उसके एक भाई और दो बहनों की भी हिस्सेदारी थी, किंतु फिर भी उसने खुद को पिता की इकलौती संतान होने के कागजात तैयार करवाकर उसे असली दस्तावेज के रूप में पेश कर दिया। बाद में जब तहसील विकास अधिकारी नम्रताबेन भट्ट को शंका हुई तो उनकी ओर से जांच करवाई गई, तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।












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