अचार वाले प्लास्टिक डिब्बों में थे 13 मानव भ्रूण, रास्ते में कहां से आए, गुजरात पुलिस ने जांच शुरू की
सिद्धपुर। उत्तर गुजरात के सिद्धपुर में तवाड़िया जाने वाले रोड के किनारे प्लास्टिक के डिब्बों में मानव भ्रूण पाए गए। इन डिब्बों की संख्या 13 थी, जिन्हें फाॅरेंसिक डिपार्टमेंट ले जाया गया। फाॅरेंसिक डिपार्टमेंट ने डिब्बों में 2 मानव भ्रूण होने की पुष्टि की। यह भी बताया गया कि, इन डिब्बों में मानव भ्रूण के अलावा गर्भाशय की गांठ व मानव के अन्य अंग भी हैं।

प्लास्टिक के डिब्बों में मिले मानव भ्रूण
देखने में ये अचार रखने वाले प्लास्टिक डिब्बे हैं। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि, इस तरह मानव भ्रूण व मानव अंगों को कौन-किसलिए इस्तेमाल कर रहा था। प्रदेश में तस्करी के गिरोह से जुड़ी खबरें आती रही हैं, ऐसे में आशंका जताई जा रही हैं कि कोई खतरनाक गिरोह ही इसके पीछे है।

इधर, किडनी बेचने के लालच ने मारा
यह मामला भी गुजरात का है। कोरोना-लॉकडाउन में कर्ज बढ़ने पर मोटी रकम जुटाने के लिए सूरत के एक शख्स ने 4 करोड़ रुपए में किडनी बेचने की कोशिश की, मगर इस लालच में 14.78 लाख रुपए गंवा दिए। मोटी रकम भी उसने दोस्तों से उधार ली थी। दरअसल, वह किडनी बेचने के लिए ऑनलाइन खरीददार ढूंढने निकला था। वहीं, उससे 14.78 लाख की धोखाधड़ी हो गई। जिसके बाद उसने साइबर क्राइम थाने की शरण ली। तब पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच-पड़ताल शुरू की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने उसकी किडनी खरीदने के लिए अलग-अलग चार्ज का बहाना बनाकर उससे रकम वसूली। शिकायतकर्ता की पहचान अरबाज शहबाज राणा के तौर पर हुई है, जो कि बतौर एजेंट का काम करता है। उसका कहना है कि, लाखों रुपए गंवाने के बाद अब सिर पर और कर्जा चढ़ गया है।












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