गुजरात में कैदियों ने जेल में ही शुरू कर लिया जिम, चार्जशीट फाइल्स बना लीं डंबल, जेलर ने किया खुलासा
अहमदाबाद। गुजरात की प्रमुख साबरमती सेंट्रल जेल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट (2008) के आरोपियों ने जेल के अंदर ही जिम सेट कर ली। वर्कआउट करने के लिए उन्होंने कोर्ट की तरफ से मिली चार्जशीट फाइल्स को इकट्ठा कर डम्बल का तरह यूज किया। इसके अलावा जेल परिसर में ही दंड-बैठक भी करने लगे। इसका खुलासा खुद जेलर ने किया है। जेलर ने स्पेशल कोर्ट में ये बातें बताईं।

साबरमती सेंट्रल जेल के सीनियर जेलर दीनू प्रजापति के मुताबिक, उक्त सभी कैदी गुजरात के सबसे बड़े शहर में बम धमाकों के आरोपी हैं। वर्ष 2008 में अहमदाबाद में कुल 19 धमाके हुए थे। उस मामले में 78 आरोपियों पर 35 केस दर्ज किए थे। अभी ये आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे हैं। धमाकों को लेकर अहमदाबाद में ही 20 एफआईआर दर्ज हुई थीं। जब बम धमाके हुए थे तो उनमें एक बम ऐसा भी था, जो नहीं फट सका था। इस केस के सिलसिले में सूरत के अंदर भी 15 एफआईआर दर्ज हुईं। हर एक गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ सभी 35 केस में मामला दर्ज किया गया था। 2008 से चले आ रहे मुकदमों की वजह से आरोपितों के पास भारी संख्या में चार्जशीट के पेपर इकट्ठे हो गए थे।

इन्हीं पेपर्स को कई आरोपियों ने जेल में जिम के लिए डम्बल के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। यानी, इन्होंने जेल में ही जिम तैयार कर लिया। इस बात का खुलासा पिछले हफ्ते तब हुआ जब कोर्ट में पेशी के बाद विटनेस बॉक्स में जेलर प्रजापति से सरकारी वकील सवाल-जवाब कर रहे थे। वहीं, प्रजापति ने बताया कि, जेल में बंद हर आरोपी के खिलाफ कई सारे केस दर्ज होने की वजह से उनके पास हजारों पेज की चार्जशीट तैयार हो गई है और कैदियों ने उन चार्जशीट के पेपर्स को ही इकहट्ठा करके डंबल बनाए।












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