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साबरमती से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक उड़ेंगे सी-प्लेन, सरकार की 'उड़ान' से शुरू होगी ये सुविधा

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अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट से केवडिया स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक सी-प्लेन सर्विस शुरू होगी। केंद्रीय पोत-परिवहन राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने सागरमाला डवलपमेन्ट कंपनी लिमिटेड (एसडीसीएल) और इनलैण्ड वॉटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (आईडबल्यूएआई) को साबरमती रिवरफ्रंट पर और स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बीच यह सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आशा जताई जा रही हैं कि, इसी साल अक्टूबर से लोग इसका मजा ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरी थी उड़ान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरी थी उड़ान

सरकार ने 'उड़ान योजना' के तहत क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए 16 सी-प्लेन मार्गों की पहचान कराई है। इन 16 मार्गों में साबरमती और सरदार सरोवर वाला रूट भी शामिल है। यह मार्ग ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को हवाई मार्ग से जोड़ेगा। बता दें कि, सी-प्लेन सर्विस शुरू करने को लेकर स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी। वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दरम्यान मोदी ने साबरमती रिवरफ्रंट से सी-प्लेन की उड़ान भरी थी। तब वह आकर्षण का केंद्र बन गए थे।

'इस सुविधा से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा'

'इस सुविधा से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा'

राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, अब सी-प्लेन सर्विस के जरिए साबरमती और सरदार सरोवर-नर्मदा मार्ग से पर्यटन बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह पर्यटकों को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का विहंगम दृश्य उपलब्ध कराएगा। अभी अहमदाबाद से केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचने में साढ़े तीन से चार घंटे लगते हैं। वहीं, यह प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद समय बहुत कम लगा करेगा। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अलावा साबरमती रिवरफ्रंट से शेत्रुंजय डेम (भावनगर) के बीच भी सी-प्लेन उड़ाए जा सकते हैं। इनके जरिए न सिर्फ सैलानियों का समय बचेगा, बल्कि ये आकर्षण का केंद्र भी बन जाएंगे।

क्या होते हैं सी-प्लेन?

क्या होते हैं सी-प्लेन?

सी-प्लेन ऐसे विमानों को कहा जाता है, जो पानी से उड़ान भरने और लैंड करने में सक्षम होते हैं। कुछ सी-प्लेन भूमि और पानी दोनों जगह से उड़ान भरने और लैंड कर सकते हैं। भारत सरकार ने जापानी सरकार के साथ सी-प्लेन को लेकर बातचीत की थी। जिसमें जापान द्वारा भारत को सी-प्लेन मुहैया कराने का आॅफर दिया गया। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस सौदे के बारे में अपना रूख स्पष्ट नहीं किया।

यहां पढ़िए: कोरोना के कहर के चलते दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा भी बंद

नर्मदा के तट पर स्थित है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

नर्मदा के तट पर स्थित है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जिसकी ऊंचाई 597 फीट है। इसे लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में बनवाया गया था। अक्टूबर-2018 में इसका अनावरण हुआ था। 1 नवंबर-2018 से यह आम लोगों के लिए खुली। और, जल्द ही यह गुजरात में टूरिज्म का सबसे बड़ा अट्रैक्शन बनकर उभरी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना महामारी से पहले तक 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के रख-रखाव में हर रोज 12 लाख रुपए खर्च हो थे। पर्यटकों के लिए इसके पास ही सफारी पार्क भी डेवलप किया गया। जहां चिड़ियाघर भी है, जिसे 1300 एकड़ जमीन पर तैयार किया गया है। बीते दिनों शेर, बाघ, तेंदुए, 12 प्रकार के हिरण और मृग, जिराफ, जेब्रा, गैंडे, बाइसन एवं अन्य विदेशी जानवर 17 देशों से यहां सफारी पार्क में लाए गए हैं।

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के दोनों पैरों में छेद कर 2.1 मीटर ऊंचे द्वार बनेंगे, पहली बार सफाई शुरू

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English summary
first seaplane service will be start in ahmedabad, sabarmati riverfront to world's tallest statue of unity | UDAN Scheme latest update
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