गुजराती मीडियम से ज्यादा अंग्रेजी का जलवा, 23 फीसदी ज्यादा स्कूलों के लिए आए आवेदन

अहमदाबाद में गुजरात मीडियम से ज्यादा अंग्रेजी मीडियम के लिए 23 फीसदी ज्यादा आवेदन आए हैं।

राज्य में गुजराती मीडियम और इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बीच लोकप्रियता को लेकर काफी अंतर देखने को मिला। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 से 2022 तक नए गुजराती मीडियम स्कूल खोलने की अनुमति मांगने वाले की संख्या 224 रही, जबकि इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए 276 आवेदन किए गए।

एक्सपर्ट का कहना है कि शिक्षा के मीडियम के रूप में इंग्लिश की अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी गांवों और कस्बों में लोकप्रिय धारणा के कारण है, जिसमें कहा जाता है कि इंग्लिश आपको दुनिया के बराबर लाती है, साथ ही आपको बेहतर अवसरों को उपलब्ध करवाती है।

gujarati medium vs english medium

एक्सपर्ट ने बताया कि छोटे शहर के माता पिता की अपने बच्चे को बेहतर नौकरी की संभावनाओं का उचित अवसर इंग्लिश मीडियम की ओर बढ़ावा दे रहा है। गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि साल 2012 तक नए गुजराती माध्यम स्कूलों का नए इंग्लिश मीडियम स्कूलों से अनुपात 70:30 था।

साल 2019 में गुजराती मीडियम स्कूलों के लिए 61 की तुलना में नए इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए 84 आवेदन आए, जो 38 फीसदी अधिक है।

बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि पिछले दशक में हमने अंग्रेजी और गुजराती मीडियम को चलाने वाले ट्रस्टों की बढ़ती प्रवृत्ति देखी है। हालांकि अब तालुका स्तर पर हम कई इंग्लिश मीडियम की मांग को देखते हैं।

गुजरात स्व वित्तपोषित विद्यालय प्रबंधन संघ के अध्यक्ष भरत गाजीपारा ने बताया कि ये प्रवृत्ति मांग से बढ़ी है। पहले ये कल्पना करना मुश्किल करना था कि कोई व्यक्ति गैर शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक या माध्यमिक स्तर के स्कूलों में 5 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करेगा। हालांकि, आज कई नए इंग्लिश मीडियम स्कूलों में छात्र 10 किलोमीटर दूर से आते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+