लॉकडाउन: द्वारका से 1700 लोगाें को उनके शहर पहुंचाया गया, सभी होटल खाली कराकर सैनिटाइज किए
द्वारका। समुद्र तट पर स्थित भगवान श्रीकृष्ण की प्राचीन नगरी द्वारका से जिला प्रशासन ने बसों के जरिए बाहर के लोगों को उनके शहरों तक पहुंचाया। लॉकडाउन लागू होने के बाद से यहां कई राज्यों के श्रद्धालु फंसे हुए थे। उन्हें अपने घर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे थे और स्थानीय प्रशासन होटलों को भी खाली करा रहा था। ऐसी स्थिति में तय किया गया कि, द्वारका में फंसे 1700 लोगों को सरकारी बसों से उनके घर तक छोड़ा जाए। जिसके बाद 22 बसों से उन्हें उनके शहर पहुंचाया गया।

100 से ज्यादा होटल खाली कराकर सैनिटाइज किए गए
प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि, द्वारका में फिलहाल सभी मंदिर बंद हैं। जसे द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित देश के 4 धामों में से एक है, उसमें भी सुबह-शाम सिर्फ पुजारी आते हैं ओर पूजा करके चले जाते हैं। हालांकि, बिहार के 100 और कोलकाता के 28 यात्री यहां के सनातन सेवा मंडल आश्रम में ठहरे हुए हैं। यहां 100 से ज्यादा होटल खाली करवाने के बाद सैनिटाइज किए गए।

लॉकडाउन से ये सब बंद हुआ, इसलिए फंसे हजारों लोग
ज्ञात हो कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश के बाद पूरे देश में 15 मार्च को लॉकडाउन लागू हो गया था। जिसके कारण स्कूल-कॉलेज, पर्यटन स्थलों, रेस्त्रां, बार को बंद किया जाने लगा था। बस-ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई। अलग-अलग राज्यों में मंदिर-मस्जिद में भी एंट्री बैन होने लगी। हालांकि, कुछ जगहों पर लोग मंदिरों में पूजा और मस्जिदों में इबादत के लिए काफी तादाद में जुटते रहे। फिर, जब धर्म स्थलों के दरवाजे भी बंद हुए तो यहां पहुंचे हजारों लोग अपने घर नहीं लौट पाए। कुछ जगहों पर प्रशासन की मदद से लोगों को उनके शहर तक छोड़ दिया गयाश्ले किन कई जगहों पर सैकड़ों की तादाद में लोग अब भी फंसे हुए हैं।












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