Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

गुजरात: शौचालय बनवाने में फर्जीवाड़ा, AAP ने दिखाए सबूत, कहा- 567 करोड़ का हुआ है घोटाला VIDEO

अहमदाबाद। भारत सरकार की ओर से गांव-ढाणियों में बनवाए गए शौचालायों से आमजन का बड़ा भला हुआ। मगर, स्वच्छ भारत की इस मुहिम में स्थानीय स्तर पर घपले की भी खबरें आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में 567 करोड़ के घोटाले के आरोप लग रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्तारूढ़ भाजपा के कद्दावर नेताओं को निशाने पर लिया है। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का नाम लेकर आप नेताओं ने सरकार की खिंचाई की है।

गुजरात में करोड़ों रुपए का घोटाला!

गुजरात में करोड़ों रुपए का घोटाला!

आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि, गुजरात में शौचालय बनवाने की योजना में करोड़ों का घोटाला हुआ है और इसमें भाजपा के कद्दावर नेता भी शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आप नेताओं ने सरकारी वेबसाइट पर बताए गए शौचालयों की संख्या भी बताई। 2020 तक सरकार की वेबसाइट पर बताए गए शौचालयों की संख्या 3153904 है, जिनकी करोड़ों रुपयों की लागत का भुगतान सरकार की ओर से किया गया। आप का कहना है कि, 'हमारी जांच के अनुसार एवरेज 15% फेक टॉइलेट्स बनाकर घपला किया गया।' आप का कहना है कि, यह घपला विजय रूपाणी और भूंपेंद्र पटेल, दोनों की सरकार के कार्यकाल में हुआ है।

एक ही शौचालय दो से चार बार बताकर रकम हड़पी

एक ही शौचालय दो से चार बार बताकर रकम हड़पी

गुजरात में 'आप' के महामंत्री सागर रबारी और किसान संगठन के प्रमुख राजू करपड़ा ने कहा कि, शौचालय बनाने के घोटाले के पीछे राजधानी गांधीनगर में बैठे बड़े नेता हैं, जो जिलों के अधिकारियों से संपर्क में थे। आम आदमी पार्टी की ओर से बताया गया कि, 'लाभार्थियों के डॉक्यूमेंट-स्लिप, कैटेगरी और घर के अन्य सदस्यों के नाम बदलकर अनेक बार नाम बदलकर, करोड़ों रुपए चट कर लिए गए। एक ही शौचालय दो से चार बार बताकर, फर्जी शौचालयों की रकम ले ली। ये पैसा जनता के लिए आया था, लेकिन घपला करके दबा लिया गया। सरकार की नाक के नीचे भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। भ्रष्टाचारियों ने स्वच्छ भारत के नाम पर जनता की तिजोरी साफ कर ली।'

यूपी में भी पूरी रकम लाभार्थियों को नहीं दी गई

गांव-ढाणियों में शौचालय बनवाने के लिए सरकार ने तो पैसा भेजा, लेकिन ग्राम प्रधानों ने घपला किया। उत्तर प्रदेश में ऐसी कई खबरें सामने आईं। खासकर, मथुरा जिले में कई गांव ऐसे हैं, जहां सरकार की भेजी गई कुल रकम में से हजार-दो हजार रुपए प्रधानों ने दबा लिए। यहां एक टॉयलेट बनाने के लिए 12 हजार रुपए आए, लेकिन 2-2 हजार रुपए खुद प्रधानों ने अपने लिए काट लिए और लाभार्थियों को 10-10 हजार मिले। जिसका लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन कोई इंसाफ नहीं हुआ। रसूखदारी के सामने कम रकम लेने में ही भलाई समझी। अधिकारियों की स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों से मिलीभगत के चलते ऐसा अमूमन हर तरह की योजना में होता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+