UP News: इस खास वजह से ईडी ने विनय शंकर तिवारी पर की बड़ी कार्रवाई, जानिए पूरा मामला
Gorakhpur News: प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 72 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है। विनय शंकर पूर्व मंत्री व बाहुबली हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं। उनकी जब्त की गई संपत्तियां लखनऊ, गोरखपुर और महराजगंज जिले में हैं।
जानकारी के मुताबिक, मैसर्स गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड की तरफ से गोरखपुर आईडीबीआई बैंक से 115.36 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। साथ ही 101.07 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दी गई। दोनों रकम 216.43 करोड़ रुपये बनती है। आईडीबीआई बैंक लिमिटेड की तरफ से ऋण वसूली के प्रयास भी किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। ईडी द्वारा जब्त की गई 72.08 करोड़ रुपये की संपत्ति में से गोरखपुर के लच्छीपुर में स्थित करीब ढाई एकड़ संपत्ति भी शामिल है। यह संपत्ति करीब 25 करोड़ के बकाये के एवज में जब्त की गई है।

दरअसल, बैंक से कर्ज लेकर हड़पने के मामले में चार साल पहले ही वसूली की प्रक्रिया चल रही है। तब बैंक ने डेबिट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) का दरवाजा खटखटाया, फिर 25,75,22,744 रुपये (25 करोड़ 75 लाख 22 हजार 744 रुपये) के एक मामले में 19 जून 2019 को सम्मन जारी करके नीलामी की तारीख तय कर दी गई।
इस मामले में बैंक से 13,42, 88, 800 रुपये ऋण लिया गया था। लेकिन, बाद में प्रक्रिया पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी की खराब सेहत की वजह से सुस्त पड़ गई और नीलामी नहीं हो पाई। फिर इस पूरे प्रकरण की जांच ईडी ने शुरू कर दी, जिसके बाद जब्ती की कार्रवाई की गई है।












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