Gorakhpur News: पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के गोरखपुर आवास पर ईडी की छापेमारी
Gorakhpur News: पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के गोरखपुर धर्मशाला स्थित आवास पर शुक्रवार सुबह ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय नई दिल्ली की टीम पहुंची। यह टीम उनके बेटे विनय शंकर तिवारी पर मनी लॉड्रिंग मामले में छानबीन कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, धर्मशाला स्थित तिवारी हाता पर सुबह 5:00 बजे ही ईडी टीम पहुंच गयी। टीम ने पहुंचते ही सबसे पहले उनके हाते को अपने कब्जे में ले लिया। गंगोत्री इंटरप्राइजेज के नाम पर बैंक के करोड़ों रुपए के लोन के डिफाल्ट का मामला सामने आ रहा है। 3 घंटे से लगातार रेड जारी है। तिवारी हाता छावनी में तब्दील हो गया है। कई गाड़ियों में टीम के लोग यहां पहुंचे हैं।

विनय शंकर तिवारी बसपा से चिल्लूपार के विधायक रह चुके हैं। वहीं हरिशंकर तिवारी के बड़े बेटे भीष्म शंकर तिवारी उर्फ कुशल तिवारी संत कबीर नगर से सांसद रहे हैं। बैंक की शिकायत पर CBI ने दर्ज की थी FIR
ED ने यह कार्रवाई विनय तिवारी की कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेस लिमिटेड द्वारा बैंकों के कंसोर्टियम का करीब 1129.44 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में की है। बैंकों की शिकायत पर CBI मुख्यालय ने केस दर्ज किया था, जिसके बाद ED ने भी विनय तिवारी समेत कंपनी के समस्त निदेशक, प्रमोटर और गारंटर के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
7 बैंकों को 754.24 करोड़ नुकसान पहुंचाया
ED की जांच में सामने आया कि मेसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने प्रमोटरों, निदेशकों, गारंटरों के साथ मिलकर बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले सात बैंकों के कंसोर्टियम से 1129.44 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं का लाभ लिया था। बाद में इस रकम को उन्होंने अन्य कंपनियों में डायवर्ट कर दिया और बैंकों की रकम को वापस नहीं किया। इससे बैंकों के कंसोर्टियम को करीब 754.24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ED इस मामले की आगे जांच कर रही है।












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