SCImago संस्थागत रैंकिंग में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, ये हैं मूल्यांकन के मापदंड
DDU UNIVERSITY Latest News Gorakhpur: आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन और कुलपति प्रो. पूनम टंडन के कुशल नेतृत्व में, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) ने SCImago संस्थागत रैंकिंग (SIR) 2025 में भारत में 322वीं रैंक प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यह उपलब्धि डीडीयूजीयू को उन चुनिंदा राज्य विश्वविद्यालयों में शामिल करती है जिन्होंने इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में स्थान प्राप्त किया है। SCImago संस्थागत रैंकिंग 2025 में भारत के केवल 415 उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें डीडीयूजीयू को 322वीं ओवरऑल रैंक प्राप्त हुई है।

कुलपति का वक्तव्य इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा:
"SCImago संस्थागत रैंकिंग 2025 में यह उपलब्धि हमारे विश्वविद्यालय की शोध, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय लगातार शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है, और यह रैंकिंग हमें वैश्विक ज्ञान प्रणाली में सार्थक योगदान देने की प्रेरणा देती है। हमारा ध्यान अनुसंधान कार्यों को सशक्त बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने पर केंद्रित है। मैं इस उपलब्धि के लिए हमारे सभी शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देती हूँ, जिन्होंने इसे संभव बनाया है।"
रैंकिंग का विवरण
• शोध (Research) में 234वीं रैंक
• नवाचार (Innovation) में 402वीं रैंक
• सामाजिक प्रभाव (Societal Impact) में 142वीं रैंक
इसके अलावा, विषयवार रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय ने शानदार प्रदर्शन किया है:
• कृषि और जैविक विज्ञान में 191वीं रैंक
• भौतिकी और खगोल विज्ञान में 200वीं रैंक
• पर्यावरण विज्ञान में 231वीं रैंक
• जैव रसायन, आनुवंशिकी और आणविक जीवविज्ञान में 242वीं रैंक
• रसायन विज्ञान में 264वीं रैंक
SCImago रैंकिंग क्या है?
SCImago संस्थागत रैंकिंग वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षण संस्थानों का तीन प्रमुख मापदंडों के आधार पर मूल्यांकन करती है:
• शोध (50%) - शोध प्रकाशनों की संख्या, गुणवत्ता और प्रभाव।
• नवाचार (30%) - पेटेंट आवेदनों की संख्या और शोध कार्यों को मिलने वाले पेटेंट संदर्भ।
• सामाजिक प्रभाव (20%) - वेबसाइट दृश्यता, बैकलिंक्स और सोशल मीडिया पर उल्लेख।
SCImago जर्नल रैंक (SJR) यह भी मापता है कि किसी संस्थान के शोध प्रकाशनों का अन्य शोध पत्रों में कितनी बार उल्लेख किया गया है।
डीडीयूजीयू की प्रभावशाली प्रगति
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की Scopus-सूचीबद्ध शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध, पेटेंट आवेदनों की संख्या, और वेबसाइट दृश्यता व सोशल मीडिया पर उल्लेख जैसी उपलब्धियों ने इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।
Q2 श्रेणी में गर्वित स्थान
SCImago संस्थागत रैंकिंग संस्थानों को चार भागों (Q1-Q4) में वर्गीकृत करती है, जिसमें Q1 शीर्ष 25% और Q4 अंतिम 25% संस्थानों को दर्शाता है। डीडीयूजीयू Q2 श्रेणी में शामिल होकर यह प्रमाणित करता है कि विश्वविद्यालय उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, प्रभावशाली शोध और सामाजिक योगदान के लिए समर्पित है।
उत्कृष्टता की ओर एक और कदम
SCImago संस्थागत रैंकिंग 2025 में यह उपलब्धि डीडीयूजीयू की शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर प्रगति को दर्शाती है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी शोध, नवाचार और समाज सेवा के क्षेत्र में अपना योगदान देता रहेगा और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा।












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