DDU University ने इन कामों से बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान, जानिए क्या किया खास?
DDU University Latest News Gorakhpur Uttar Pradesh: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के माध्यम से शैक्षणिक और शोध केंद्र के रूप में अपनी वैश्विक पहचान बना रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर करने, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को आमंत्रित करने के साथ विभिन्न देशों के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में विश्वविद्यालय ने कार्य किया है जिससे वैश्विक उपस्थिति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा, "ये पहल हमारे संकल्प को दर्शाती हैं कि हम वैश्विक शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करें और शोध, नवाचार तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर खोलें। हमारे अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ, डॉ. रामवंत गुप्ता के नेतृत्व में, इन उपलब्धियों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।"

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*2024 में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां*
*प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर*
2024 में विश्वविद्यालय ने आठ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए:
• लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल
• गंडकी विश्वविद्यालय, नेपाल
• मधेश कृषि विश्वविद्यालय, नेपाल
• पोखरा विश्वविद्यालय, नेपाल
• राजशाही विश्वविद्यालय, बांग्लादेश
• आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज, मलेशिया
• त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल
• ग्लोबल पीस यूनिवर्सिटी, अमेरिका
*संयुक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन*
विश्वविद्यालय ने दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सह-आयोजित किए:
• जीयूआईसी-2024, गंडकी विश्वविद्यालय, नेपाल के साथ।
• नेपाल-भारत सामग्री विज्ञान संगोष्ठी, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल के साथ।
*नेपाल में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा*
• माननीय कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया और शिक्षा एवं राजनीतिक प्रथम सचिव से मुलाकात कर उच्च शिक्षा में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
• प्रतिनिधिमंडल और छात्रों ने लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय और बालकुमारी कॉलेज, त्रिभुवन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया।
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*विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का दौरा*
विश्वविद्यालय में दुनिया भर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और शोधकर्ता पधारे:
• प्रो. एम.के. सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग, अमेरिका
• सुश्री अन्ना बेगर, यूनिवर्सिटी ऑफ वियना, ऑस्ट्रिया
• डॉ. अशुतोष मंगलम, यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा, अमेरिका
• डॉ. बी. दुबे, जर्मन इलेक्ट्रॉन सिंक्रोट्रॉन, जर्मनी
• डॉ. के.डी. थेरो, बौद्ध एवं पाली विश्वविद्यालय, श्रीलंका
• प्रो. सुवर्ण लाल बज्राचार्य, कुलपति, लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल
• प्रो. नंद बहादुर सिंह, कुलपति, मिड-वेस्ट विश्वविद्यालय, नेपाल
• नेपाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 13 शिक्षकों ने अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के सहयोग से आयोजित संकाय विकास कार्यक्रम में भाग लिया।
*अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यक्रमों में भागीदारी*
विश्वविद्यालय ने इन वैश्विक कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
• इंडिया-यूके शिक्षा आदान-प्रदान साझेदारी
• कॉमनवेल्थ और एसएएस डिजिटल साक्षरता लॉन्च, लंदन
• ऑस्ट्रेलियन हाई कमीशन और यूजीसी द्वारा कार्यशाला
• वैश्विक हरित परिषद (Global Green Council) में भागीदारी
*अंतरराष्ट्रीय छात्र प्रवेश*
विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:
• 70 देशों में भारतीय दूतावासों/उच्चायोगों को स्टडी इन इंडिया पोर्टल के माध्यम से प्रवेश विवरणिका साझा की।
• 12 देशों से विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 100 आवेदन प्राप्त हुए।
• इस वर्ष 13 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया।
*2025 के लिए विशन एवं योजनाएं*
2024 की उपलब्धियों को आधार बनाकर, डीडीयूजीयू निम्नलिखित लक्ष्यों को हासिल करने की योजना बना रहा है:
• अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु भारतीय सांस्कृतिक अनुसंधान परिषद (ICCR) के साथ पैनल में शामिल होना।
• अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नामांकन को बढ़ावा देना।
• भारत और नेपाल के सहयोग से हंबोल्ट कोलॉग सम्मेलन का आयोजन।
• जर्मनी, अमेरिका, बुल्गारिया और जापान के साथ अनुसंधान अनुदान प्राप्त करना।
• सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन।
• वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ नए समझौते पर हस्ताक्षर।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, "हमारा लक्ष्य डीडीयूजीयू को वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र बनाना है, जहां प्रभावी सहयोग, शोध के नए अवसर और विविधता को बढ़ावा दिया जाय ।"












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