Chaitra Navratri 2023: जब मानव सेवा के लिए CM Yogi ने तोड़ी थी नौ दिन मंदिर में रहने की परंपरा
Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi adityanath ने मानव सेवा के लिए गोरखनाथ मंदिर में लगातार नौ दिन रहने की परंपरा तोड़ी थी। नवरात्र में वह मां दुर्गा की विशेष पूजा करते है।

CM Yogi Adityanath News Gorakhpur: मानव सेवा को अपना सबसे बड़ा धर्म मानने वाले पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में सूबे के मुख्यमंत्री का पद संभाला था तब उन्होंने गोरक्षपीठ की कुछ परंपराओं का त्याग भी किया था। यह त्याग जन सेवा व जन कल्याण के लिए था। मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम योगी ने कभी मंदिर में नौ दिन प्रवास नहीं किया। लेकिन हमेशा मंदिर के मुख्य कार्यक्रमों में मौजूद रहे।
पीठाधीश्वर ने तोड़ी थी यह परंपरा मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ बताते हैं कि गोरखनाथ मंदिर में मां भगवती के शक्ति पीठ पर कलश स्थापना की परंपरा बहुत पुरानी है। जब से यह पीठ है तब से परंपरा है। गोरखनाथ एक शिव पीठ है। शिव के पास शक्ति आराधना जरुरी है। बिना शक्ति के शिव शव के समान हैं। इसलिए पीठ की यह परंपरा रही है कि पीठाधीश्वर नौ दिनों तक मंदिर में रहते थे और नौ दिनों तक विधिवत पूजा अर्चना कर मां की आराधना में लीन रहते थे।

मंदिर के मुख्य कार्यक्रम में रहते हैं मौजूद मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी बताते हैं कि किसी भी पूजा अर्चना का मूल उद्देश्य मानव सेवा और जनकल्याण होता है। इसी भावना से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा और जन सेवा के लिए वर्षो पुरानी मंदिर में नौ दिन रहने की परंपरा तोड़ी थी। गोरक्षपीठ लोगों की सेवा करने में यकीन रखता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भले ही पीठाधीश्वर मंदिर में नौ दिन न रहे हो लेकिन प्रत्येक मुख्य कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं।

कल होगा आगमन गोरक्षपीठाश्वर योगी आदित्यनाथ चैत्र या शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गां की विशेष पूजा अर्चना करते हैं। सीएम नौ दिन व्रत धारण रखते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह नवरात्रि के अवसर पर यहां अवश्य आते हैं। इसी पूजा के लिए सीएम योगी मंगलवार को गोरखपुर आ रहे हैं।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications