कुशीनगर: गन्ना किसानों ने किया मतदान का बहिष्कार, मान-मनौव्वल में जुटा प्रशासन
गोरखपुर। यूपी के कुशीनगर में 18 मई की शाम को कुछ गन्ना किसानों ने ट्रॉली पर गन्ना लोड कर सड़क जाम कर मतदान बहिष्कार के बैनर तले विरोध करना शुरू कर दिया था, लेकिन जिलाधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीयों के आश्वासन पर किसी तरह उग्र किसान मान गए। रविवार की सुबह जनपद में मतदान की शुरुआत हुई, लेकिन कसया थाना क्षेत्र के नैकाछपरा में बूथ संख्या 64 व 65 पर सभी मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।

पुलिस से हुई नोकझोंक
गन्ना लदी ट्रैकर ट्रॉली को सड़क पर लगाकर किसान मतदान का बहिष्कार कर रहे थे कि सूचना पर पहुंची स्थानीय थाने की पुलिस व किसानों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की होने लगी। सभी गन्ना किसानों के उग्र होने से मामला बढ़ता देख जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक राजीव नारायण मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। डीएम व एसपी हर उस हथकंडे को अपना कर उग्र गन्ना किसानों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे किसान मान जाए लेकिन अपनी मांगों पर अडिग गन्ना किसान मानने को तैयार नहीं है। घंटो बीत जाने के बाद भी अभी किसानों और जिला प्रशासन के बीच मान-मनौव्वल जारी है।
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कुशीनगर का बड़ा चुनावी मुद्दा है गन्ना
बता दें, कुशीनगर जिले का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा गन्ना माना जाता है। कोई भी राजनीतिक पार्टी गन्ना किसानों पर ही अपनी राजनीति करते हैं। यहां तक कि पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी ने भी कुशीनगर के चुनावी जनसभा इन्हीं गन्ना किसानों पर अपना चुनावी गेम खेला था, जिसके तहत बंद चीनी मिल चलाने की बात कही थी। कांग्रेस पार्टी भी पीछे नहीं है। कुछ दिनों पहले कुशीनगर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भी गन्ना और गन्ना किसानों की ही बात की थी।

सीएम योगी ने भी किया था वाादा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जबतक जनपद की सभी गन्ना किसानों का गन्ना खत्म नहीं होगा तबतक कोई भी चीनी मिल बंद नहीं होगा, लेकिन कुशीनगर में इनके इस दावे का कोई मतलब नहीं हुआ। एक-एक कर जब चीनी मिलें बंद होना शुरू हो गई तो गन्ना किसानों ने आखिरकार मतदान का बहिष्कार कर दिया।












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